पंचायतों में पारदर्शिता और ग्रामीण विकास पर सरकार का जोर, मुख्यमंत्री ने पंचायती राज एवं ग्रामीण कार्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा की
रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को पंचायती राज विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर राज्य में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत संरचना, पंचायत स्तरीय सेवाओं और सड़क निर्माण कार्यों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। बैठक में मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह भी मौजूद रहीं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने पंचायतों में पारदर्शिता बढ़ाने, बाल विवाह एवं महिला हिंसा की रोकथाम को लेकर जागरूकता अभियान चलाने और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने का निर्देश दिया। साथ ही पंचायत भवनों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था विकसित करने, सूखा-गीला कचरा अलग रखने और प्लास्टिक पृथक्करण पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने पंचायत सचिवालयों में शुद्ध पेयजल, शौचालय, स्वच्छता और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर भी जोर दिया, ताकि ग्रामीणों को समय पर सेवाओं का लाभ मिल सके।
ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीण सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में तेजी लाने तथा गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से गांवों की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



