लबासना में डॉ भवेश का प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ संवाद ….
पटना।आरा के पद्मश्री से सम्मानित डॉ भीम सिंह भवेश का लबसना में इंटरेक्शन विद पद्मा अवॉर्ड कार्यक्रम हुआ। इसमें 100वें फाउंडेशन कोर्स के 2025 बैच के भारतीय अधिकारी शामिल हुए। जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय वन सेवा, भारतीय विदेश सेवा एवं भारतीय राजस्व सेवा सहित अन्य केंद्रीय सेवाओं के अधिकारी शामिल थे।
विदित हो कि लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (भारत सरकार) मसूरी, देश का सर्वोत्कृष्ट प्रशिक्षण संस्थान है। यहां देश के शीर्ष पदाधिकारियो को फाउंडेशन कोर्स के तहत प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें भूटान के भी प्रशिक्षु होते हैं। उल्लेखनीय है कि डॉ भवेश को समाज के हाशिए पर पड़े अनुसूचित जाति के तहत आने वाली मुसहर जाति के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने मन की बात के 110वें एपिसोड में 25 फरवरी 2024 को चर्चा की गई थी। साथ ही 2025 में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया था।
डॉ भवेश द्वारा 18 नवंबर को दो सत्रों में आयोजित भावी पदाधिकारियों के साथ इंटरेक्शन हुआ। पहला सत्र संपूर्णानंद सभागार में और दूसरा सत्र राजेंद्र निवास में हुआ। सेशन मॉडरेटर (सत्र संचालक) शुभम शुक्ला थे। डॉ भवेश ने पिछले 22 वर्षों के अपने सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यों, समस्याओं, चुनौतियां एवं उपलब्धियां का अनुभव साझा किया। विशेषकर अनुसूचित जाति की श्रेणी में आने वाली मुसहर जाति की बदतर आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक स्थिति की चर्चा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का लक्ष्य 2047 में भारत को विश्व का बेहतर अर्थव्यवस्था बनने की है। ऐसे में समाज के एक बड़े वर्ग का हाशिए पर छूटना देश के सर्वांगीण विकास के हित में नहीं होगा। मुसहर जाति के लोग बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ एवं नेपाल आदि में है। सिर्फ बिहार में इस जाति की आबादी 40.35 लाख है। परन्तु अभी तक मात्र 98,420 लोग ही मैट्रिक पास है। इस जाति के 8.73 लाख परिवारों में 3.90 लाख (44.75 प्रतिशत) आज भी स्थाई निवासी होने के बावजूद झोपड़िया में रहते हैं। गांधी जी का कहना था कि समाज के हाशिए पर पड़े लोगों तक विकास पहुंचना ही प्रशासन और समाज का मुख्य दायित्व है। डॉ भवेश ने प्रशिक्षु पदाधिकारियो से अपने-अपने पदस्थापन क्षेत्र में संवेदनशीलता के साथ समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्ग की सेवा का आग्रह किया। इस दरमियान अकादमी के निर्देशक श्रीराम तरिणीकांति (वरीय आईएएस) से भी मुलाकात हुई। उन्होंने डॉ भवेश को सम्मानित करते हुए समाज सेवा में निरंतर आगे बढ़ते रहने की अपनी शुभकामनाएं दीं।



