खूंटी जिले में आवारा कुत्तों और लावारिस पशुओं की बढ़ती समस्या पर उप प्रमुख अरुण साबू ने जताई चिंता
खूंटी : मुरहू प्रखंड के उप प्रमुख अरुण कुमार साबू ने उपायुक्त खूंटी का ध्यान जिले में बढ़ती आवारा कुत्तों एवं लावारिस पशुओं की समस्या की ओर आकर्षित कराया है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत की डॉग रेस्क्यू टीम द्वारा कई बार आवारा कुत्तों को पकड़कर मुरहू एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में छोड़ दिया जाता है, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।
उप प्रमुख ने बताया कि गांवों में छोड़े गए आवारा कुत्ते कई बार बच्चों पर हमला कर उन्हें काट लेते हैं, वहीं पालतू बकरियों और अन्य पशुओं को घेरकर मारने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। उन्होंने कहा कि बिना उचित टीकाकरण और निगरानी के कुत्तों को ग्रामीण इलाकों में छोड़ना लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ है।
अरुण साबू ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार रांची जिले से भी आवारा कुत्तों को लाकर खूंटी जिले के जंगलों, कालामाटी हिरण पार्क तथा मेनूगड़ा क्षेत्र के आसपास रात के समय छोड़ दिया जाता है। उन्होंने नगर पंचायत से इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा मुरहू एवं अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के जंगलों में आवारा कुत्तों को छोड़ने पर रोक लगाने की मांग की है।
इसके साथ ही उप प्रमुख ने जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग रांची-चाईबासा तथा राज्य मार्ग रांची-सिमडेगा सहित मुरहू और तोरपा प्रखंड के विभिन्न मार्गों पर बड़ी संख्या में गाय, बैल और बकरियों जैसे पशुओं को खुला छोड़ दिया जाता है। सड़क पर घूमने वाले इन पशुओं के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे लोगों की जान-माल को नुकसान पहुंच रहा है।
उन्होंने उपायुक्त से मांग की है कि पंचायत स्तर पर विशेष टीम गठित कर लावारिस पशुओं के विरुद्ध कार्रवाई की जाए, पशु मालिकों पर जुर्माना लगाया जाए तथा पशुओं के लिए शेल्टर होम की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।



