बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 की तिथि जारी, 11 नवंबर को भागलपुर में होगा मतदान
भागलपुर। मुख्य चुनाव आयुक्त, भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा बिहार विधानसभा सभा आम निर्वाचन 2025 के लिए जारी प्रेस नोट के अनुसार भागलपुर जिला अंतर्गत सभी 7 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव द्वितीय चरण में है, जिसका कार्यक्रम निम्न प्रकार है 13 अक्टूबर (सोमवार)को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिस दिन से नामांकन प्रारंभ हो जाएगा। नामांकन के लिए अंतिम तिथि 20 अक्टूबर (सोमवार)) निर्धारित है, 21 अक्टूबर (मंगलवार)को संवीक्षा की जाएगी, 23 अक्टूबर (गुरुवार) को नाम वापसी की अंतिम तिथि है। वहीं 11नवंबर (मंगलवार) को मतदान कराया जाएगा और 14 नवंबर (शुक्रवार) को मतगणना कराई जाएगी। इसके साथ ही 16 नवंबर (शुक्रवार)को निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।
बिहार विधानसभा आम निर्वाचन के दौरान प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया तथा राजनीतिक दलों/अभ्यर्थियों के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मार्ग निर्देशन, किसी भी राजनीतिक दल/प्रत्याशी के संदर्भ में अप्रत्याशित रूप से बढ़ा चढ़कर एवं आवश्यकता से अधिक स्थान/समय प्रदान कर समाचार प्रसारित या प्रकाशित करना Paid news माना जाएगा। इसके लिए संबंधित प्रिंट/ इलेक्ट्रानिक मीडिया को नोटिस जारी की जाएगी। संतोष प्रद उत्तर प्राप्त नहीं होने पर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उस प्रसारित/ प्रकाशित समाचार के व्यय को डीएवीपी दर पर संबंधित राजनीतिक दल/अभ्यर्थी के खाते में जोड़ा जाएगा।
कोई भी समाचार धर्म, जाति, लिंग, वर्ग, समुदाय के आधार पर विद्वेष उत्पन्न करने वाला या किसी की भावना को ठेस पहुंचाने वाला या राष्ट्र की एकता और अखंडता को प्रभावित करने वाला या अन्य देशों से संबंध बिगड़ने वाला समाचार प्रसारित नहीं किया जाएगा। ऐसा पाए जाने पर संबंधित मीडिया एजेंसी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहीता (बीएनएस) तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के सुसंगत धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से राज्य स्तर पर प्रसारित किए जाने वाले विज्ञापन राज्य स्तरीय एमसीएमसी कमेटी से तथा जिला स्तर पर प्रसारित किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक विज्ञापन जिला स्तरीय एमसीएमसी से प्रमाणित करवाना अनिवार्य होगा। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी विहित प्रपत्र में अपना आवेदन चार दिन (96) घंटे पूर्व प्रचार सामग्री (इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में)के साथ उपलब्ध कराना होगा।
इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से यदि जिला स्तर पर कोई विज्ञापन प्रसारित किया जा रहा है और वह राज्य स्तरीय या केंद्र स्तरीय एमसीएमसी कमेटी से प्रमाणित है तो उसकी सूचना जिला निर्वाचन पदाधिकारी को उपलब्ध कराना होगा। इसके लिए मीडिया को सॉन्ग भागलपुर को जानकारी उपलब्ध करा दी जाए।
मतदान तिथि या उसके एक दिन पूर्व यदि कोई विज्ञापन प्रिंट मीडिया में प्रकाशित कराया जाना है तो वह विज्ञापन केंद्र स्तरीय, राज्य स्तरीय या जिला स्तरीय एमसीएमसी कमेटी से प्रमाणित करवाना अनिवार्य है।
स्थानीय भागलपुर के किसी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के अभ्यर्थियों के पक्ष में प्रकाशित /प्रसारित विज्ञापन को डीएवीपी दर पर गणना करते हुए, विज्ञापन व्यय राशि को संबंधित अभ्यर्थी के खाते में जोड़ा जाएगा।
राजनीतिक दल द्वारा प्रकाशित प्रसारित विज्ञापन को डीएवीपी के दर पर संबंधित राजनीतिक दल के खाते में जोड़ा जाएगा।
निर्वाचन के दौरान मतदाताओं को दिग्भ्रमित करने के लिए फेक न्यूज़/डीप फेक न्यूज़ (अफवाह ) का प्रसारण किया जाता रहा है। उदाहरणस्वरूप ईवीएम में छेड़छाड़ किया जा रहा है।किसी खास प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करवाया जा रहा है। वैलेट पेपर में प्रत्याशी का सही नाम नहीं है। किसी जाति विशेष के मतदाताओं को मतदान करने नहीं दिया जा रहा है।किसी खास वर्ग के मतदाता को मतदान करने से रोका जा रहा है। मतदान केंद्र पर किसी खास प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कर्मी द्वारा मतदान कराया जा रहा है। प्रतिनियुक्त पुलिस/सैन्य बल द्वारा किसी खास प्रत्याशी को मतदान करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। किसी धर्म, जाति विशेष के लोगों को मतदान करने से रोका जा रहा है। ईवीएम सही से काम नहीं कर रहा है। वीवीपीएटी में सही पर्ची नहीं दिख रहा है। मतगणना में धांधली की जा रही है।
पूर्व के किसी घटना का वीडियो क्लिप एवं फोटो वर्तमान से जोड़कर डीप फेक न्यूज़ प्रसारित करने की घटना पूर्व के चुनावों में सामने आई है, जिसमें सख्त कार्रवाई भी की गई है।
इस तरह के फेक न्यूज़ के लिए संबंधित मीडिया एजेंसी के साथ संबंधित संवाददाता के विरुद्ध प्राथमिक की दर्ज कराई जाएगी, जिसमे आईटी एक्ट 2000 की धारा 67,69,79 ,भारतीय दंड संहिता की धारा 505,124, 123बी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा124, 123बी के,
चुनाव में अनुचित प्रभाव के लिए बिहार न्याय संहिता(बीएनएस) की धारा 171, फॉल्स स्टेटमेंट के लिए धारा 175, किसी खास समुदाय धर्म, नस्ल, जन्म स्थान, निवास स्थान, भाषा के आधार पर विद्वेष फैलाने के लिए धारा 196, राष्ट्रीय एकता अखंडता को प्रभावित करने के लिए धारा 197, किसी खास धर्म वर्ग को अपमानित करने के लिए सुनियोजित ढंग से खबर प्रसारित करने के लिए धारा 299, धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने के लिए गलत ढंग से शब्द उच्चारण करने के लिए धारा 302, झूठे दस्तावेज बनाने के लिए धारा 335, झूठे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का प्रयोग के लिए धारा 340(2), पब्लिक मिश्चीफ करने के उद्देश्य से वाक्य का प्रयोग करने के लिए लिए धारा 353, फर्जरी के लिए धारा 336(2) मिथ्या अभिलेख (रिकॉर्ड) प्रयोग करने के लिए धारा 337 अधिरोपित करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।



