शराबियों को छुड़ाने को चली लाठी, उत्पाद विभाग की टीम पर हमला, एसआई और ड्राइवर जख्मी, जीप के शीशे चकनाचूर
प्रदीप विद्रोही,भागलपुर। बिहार-झारखंड बॉर्डर एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार कारण बना जिले के पीरपैंती प्रखंड स्थित इशीपुर थाना क्षेत्र के बाघमारा चौक पर बीती रात हुआ एक सनसनीखेज हमला। उत्पाद विभाग की टीम जब देसी शराब की ख़बर पर कार्रवाई करने पहुंची, तो उन्हें शायद अंदाज़ा नहीं था कि उनकी मुठभेड़ सिर्फ शराबियों से नहीं, बल्कि उनके ‘संरक्षकों’ से भी होगी।
टीम ने तीन शराबियों को रंगे हाथ पकड़ा और जीप में बैठाकर थाने ले जाने लगी। मगर जैसे ही गाड़ी इशीपुर थाना क्षेत्र से होकर गुज़री, अचानक चार बाइकों पर सवार आठ युवकों ने लाठी-डंडों के साथ धावा बोल दिया।
हमला इतना अचानक और हिंसक था कि एसआई राकेश कुमार बादल और ड्राइवर उदय कुमार बुरी तरह घायल हो गए। सरकारी जीप के शीशे टूट गए और सबसे चौंकाने वाली बात आरोपी शराबियों को हमलावर छुड़ा ले गए।
मालूम हो कि यह इलाका पहले से ही अवैध शराब के कारोबार के लिए बदनाम है, लेकिन दिनदहाड़े सरकारी टीम पर हमला होना कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। इधर पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आसपास के इलाकों में छापेमारी की जा रही है और बॉर्डर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
बड़ा सवाल ये है – क्या कानून के हाथ वाकई इतने लंबे हैं कि वो इन ‘शराब संरक्षकों’ तक पहुंच सकें? या फिर ये हमला उस सिस्टम की एक और झलक है, जिसमें अपराधी बेखौफ हैं और कानून बेबस?



