वोकेशनल विभागों में विश्वविद्यालय के नियमों को लागू नहीं करा पा रहा है सीवीएस कार्यालय :डॉ अटल पाण्डेय

रांची: शुक्रवार को रांची विश्वविद्यालय के वोकेशनल शिक्षक संघ के द्वारा रांची विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति को 6 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया।
ज्ञात होगी रांची विश्वविद्यालय के विभिन्न पीजी विभाग एवं कॉलेज में 20 से भी अधिक वोकेशनल या सेल्फ फाइनेंस कोर्स पिछले है 20 वर्षों से चलाया जा रहे हैं जिसमें अतिथि और कॉन्ट्रैक्ट शिक्षक अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं और इन कोर्स को करने के बाद विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्था में सीधे नौकरी भी प्राप्त हो रही है। परंतु इस विभागों में कार्यरत्त सभी शिक्षकों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है ना तो उन्हें उचित मानदेय मिलता है और ना ही कोई अन्य सुविधा प्राप्त होती है आज अपने मांग पत्र में विश्वविद्यालय से मांग की गई –
1- समान काम के बदले समान वेतनमान देने की व्यवस्था हो।
2- अविलंब शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पद सृजित कर उसे भरने की कृपा करें।
3- अतिथि शिक्षकों को यूजीसी के अनुसार तय मापदंड ₹1500 प्रति कक्षा करने की कृपा करें।
4- सीनेट और सिंडिकेट या कोर कमेटी में वोकेशनल शिक्षक संघ के प्रतिनिधि की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
5- नई नियुक्ति प्रक्रिया में पुराने शिक्षकों को ही प्राथमिकता मिले।
6- वोकेशनल फंड में रखे हुए रूपए का उपयोग शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए किया जाए।
वोकेशनल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अटल पाण्डेय ने कहां की रांची विश्वविद्यालय में पिछले 20 वर्षों से शिक्षक कार्यरत्त हैं पर आज तक उनके पद सृजित करने की ना तो कोई सोच रहा है ना ही उनके स्थाईकरण की कोई बात करता है। विश्वविद्यालय जब सेवा करने का केंद्र है, छात्रों से कम से कम पैसे लिए जाते हैं तब वोकेशनल फंड में करोड़ों रूपए कैसे जमा हो गए? उसका यदि सही ढंग से शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के शिक्षा व्यवस्था पर खर्च होता तो विश्वविद्यालय की स्थिति अलग होती। उन पैसों को शिक्षकों पर खर्च क्यों नहीं किया गया ? इतने वर्षों से कोई सोच भी नहीं रहा है। कुलपति से आग्रह किया कि सीवीएस में जमा पैसों का सही तरीके से उपयोग किया जाए ताकि वोकेशनल विषयों के शिक्षक एवं कर्मचारी सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके।
रांची विश्वविद्यालय वोकेशनल शिक्षक संघ के अध्यक्ष अवधेश ठाकुर ने कहा कि कोर कमेटी से निर्णय लें लिया जाता है, पर बहुत सारे विभाग उन निर्णयों को नहीं मानते, इस पर सीवीएस निदेशक को बार बार बोलने के बावजूद कुछ करते ही नहीं। ऐसे अधिकारियों पर कब कार्रवाई होगी?
बहुत सारे विभाग बंदी के कगार पर हैं इनका जिम्मेदार कौन है?
कुलपति महोदय से अविलंब उचित निर्णय लेने की गुहार लगाई।
वोकेशनल टीचर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल में डॉ सुरजीत घोषाल, डॉ प्रशात सौरव एवं अन्य उपस्थित थे।

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