सीएम हेमंत सोरेन ने अवैध खनन पर सख्ती और 300 बालू घाटों को शीघ्र संचालित करने का दिया निर्देश

रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में खान एवं भू-तत्व तथा भवन निर्माण विभाग के कार्यों और योजनाओं की समीक्षा करते हुए अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन से राज्य को राजस्व की हानि होती है और पर्यावरणीय संतुलन भी प्रभावित होता है, इसलिए इसे हर हाल में रोका जाए।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने बंद पड़ी खदानों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जहां उत्पादन बंद है, वहां खनन कार्य दोबारा शुरू कराया जाए या फिर लीज निरस्त कर पुनः नीलामी की जाए। उन्होंने खनिज ब्लॉकों की मैपिंग और निष्क्रिय खदानों के पुनः ऑक्शन के माध्यम से राजस्व बढ़ाने पर जोर दिया।
राज्य की सात स्वर्ण खदानों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वर्ण उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए। वर्तमान में इन खदानों से लगभग 20 किलोग्राम वार्षिक उत्पादन हो रहा है। उन्होंने नई गोल्ड माइंस के ऑक्शन में तेजी लाने और निवेश आकर्षित करने पर बल दिया।
बालू घाटों की स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि 444 श्रेणी-दो बालू घाटों में से 300 का ऑक्शन हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इन घाटों से शीघ्र बालू उठाव शुरू कराने और शेष घाटों का जल्द ऑक्शन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अवैध बालू उठाव, ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन पर तकनीक आधारित निगरानी एवं सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
बैठक में भवन निर्माण विभाग की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी भवनों और आधारभूत संरचना परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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