तुपुदाना इंडस्ट्रीयल एरिया में मूलभूत सुविधा का अभाव, चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने राज्य सरकार से लगाई गुहार
रांची : झारखंड चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने हेमंत सोरेन सरकार से तुपुदाना इंडस्ट्रीयल एरिया में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। बुधवार को चेम्बर भवन में अध्यक्ष परेश गट्टानी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी विस्तृत जानकारी दी है।
उन्होंने कहा कि पूरे झारखंड की इंडस्ट्री बहुत ही बुरी हालत में है। इसपर राज्य सरकार का कोई ध्यान नहीं है। जबकि इंडस्ट्रीयल एरिया को विकसित करने के लिए 448 करोड़ रुपये बजट में स्वीकृति मिली है।
श्री गट्टानी ने कहा कि तुपुदाना इंडस्ट्रीयल एरिया राज्य ही नहीं बल्कि देश का सबसे पहला औधोगिक क्षेत्र है।जो हमारे प्रथम प्रधानमंत्री नेहरू जी की पहल से बना था। इस क्षेत्र में गुणवत्ता पूर्ण विद्युत्त आपूर्ति के लिए औद्योगिक क्षेत्र में ही बिजली को सब स्टेशन बनाया गया एवं जल आपूर्ति के लिए पानी की टंकी बनाई गई एवं पुरे औद्योगिक क्षेत्र में पानी की पाइप लाईन बिछाई गई सडक एवं नाली बनाई गई।
1967 से इस क्षेत्र में उद्योग चालू होने लगे एवं अगले पांच से सात वर्षों में इनकी संख्या एक सौ के करीब पहुंच गई जो आज करीब तीन सौ है।
1981 के पहले यहां पर पानी की आपूर्ति बन्द हो गई, सड़क एवं नाली का मेन्टेनन्स के अभाव में बुरा हाल हो गया ।सड़कों पर 2 फीट तक पानी का जमाव होने लगा। एवं कई करखानों में काफी मात्रा में पानी पुस जाने से उनको अत्यधिक क्षति हुई ।
अलग राज्य झारखंड बनाने के बाद 2003 के करीब सरकार ने क्षेत्र की सुध ली एवं अच्छी सड़क एव नाली का निर्माण करवाया गया। स्ट्रीट लाइट की लगाई गई जो एक दिन भी जल नहीं सकी। कुछ वर्ष पूर्व नई नाली को बनाने का अविवेकपूर्ण निर्णय निर्णय जीयाडा द्वारा लिया गया जिसके तहत सड़क से 2 फीट ऊंची नाली सड़क को एक ओर बना दी गई एवं सड़क की दूसरी ओर ईटीपी की पाइप लाइन बिछाई गई जिसका डीयूसीटी की सड़क से 2 फीट ऊंचा रखा गया और इस दौरान रोड क्रास करने में सड़क को काफी नुकसान पहुंचाया गया जिसकी मरमम्त ढंग से नहीं की गई।
उपरोक्त नाली एवं ईटीपी डीयूसीटी बनने के बाद बारिश का पानी सड़क पर जमा रहने लगा एवं लोगों गाड़ियों का रोड पर चलना दूभर हो गया ।इन समस्याओं को हमने कई बार रियाडा में क्षेत्रीय निदेशक के सामने रखा मगर कोई समुचित कार्याबाई नहीं हुई। हमारे बारम्बार इस सम्बन्ध से दबाव बनाने पर उन्होंने हमें बताया की नई काली सड़क का निर्माण होने जा रहा है जिससे आपकी समस्याओं का निदान हो जायेगा।
हमने रियाडा के क्षेत्रीय निदेशक एवं जीयाडा के प्रबन्ध निदेशक के सामने अपनी बातों को रखा और उनसे निवेदन किया कि पहले पानी की निकासी की व्यवस्था की जानी चाहिए, उसके बाद नई सड़क के विषय में सोचा जाना चाहिए। वहीं उपाध्यक्ष राहुल साबू, ज्योति कुमारी,सुरेन्द्र कुमार,बिनोद कुमार और अरुण छाछोरिया ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड में नए नए उद्धोग लगाने के लिए सीएम विदेश का दौरा कर विदेशी निवेशकों को आमंत्रित कर रहे है। वहीं यहां पर पहले से लगे इंडस्ट्री को सुविधा देने में परहेज कर रही है। ऐसे में बाहर से झारखंड में कोई भी विदेशी निवेशक कैसे आएंगे। इसके लिए राज्य सरकार को यहां पर सुविधा बढ़ाना होगा।



