बाबूलाल मरंडी का आरोप,कहा-विधानसभा चुनाव के समय असम से सीएम हेमंता विश्वसरमा को यहां के सीनियर पुलिस अधिकारी षडयंत्र कर फंसाने का किया प्रयास
रांची : झारखंड में एकबार फिर से राजनीति गरम गई है। विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरंडी ने ट्वीट कर राज्य सरकार के सीनियर पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप गया है।
बाबूलाल ने ट्वीट में लिखा कि झारखंड में विधानसभा चुनाव के वक्त झारखंड के किस सीनियर पुलिस अधिकारी ने असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शरमा जी को षडयंत्र कर फँसाने का प्रयास करने लिये किसको दो-दो बार पैसे देकर दिल्ली और गुवाहाटी (असम ) भेजा था? इसका खुलासा भी प्रमाण के साथ बहुत जल्द होगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी, क्या ये सब नीच काम आपकी जानकारी में हो रहा था या आपकी बिना जानकारी में? आपको इसका खुलासा करना चाहिये।
हेमंत जी, क्या आपको नहीं लगता कि जो अफ़सर पद और पैसे के लालच में देश के किसी प्रतिष्ठित ऊँचे पद पर बैठे व्यक्ति के बारे मे ऐसी घटिया हरकत और षड्यंत्र करने का दुस्साहस कर सकता है वो बुरा वक्त आने पर अपने फायदे के लिये आपके साथ भी ऐसा घटिया और गंदा काम नहीं कर सकता ?
वैसे आपको बता दूँ कि एक समय इन्हीं लोगों ने आपके कार्यकलापों का कच्चा चिट्ठा लिखकर दस्तावेज़ों के साथ सौ से भी ज्यादा नामी-बेनामी शिकायती चिट्ठियॉं दांये-बॉयें हाथ से दस्तख़त कर-करवा कर आपके खिलाफ जगह-जगह भेजने-भिजवाने का “काम” सँभाल रखा था।
बेहतर होगा कि अपनी खुद की एजेंसियों को लगवाकर इस बारे में विस्तार से पता करवा लीजिये और फिर भी जानकारी का अभाव रह जाय तो हमसे व्यक्तिगत सम्पर्क कर इन सब की जानकारी अपनी ऑंख से देख-समझ लीजिएगा। हो सकता है ये सब देखकर आपकी आँख खुल जाए और आस्तीन के सॉंपों को पहचान पाने में दिकक्त न हो।
बाबूलाल के आरोप पर झामुमो और कांग्रेस ने क्या कहा :
बाबूलाल के आरोप पर झामुमो प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि चुनाव के इतने समय बीत जाने के बाद अब बाबूलाल मरांडी को याद या रहा है। यह सब जनता को दिग्भ्रमित करने का उनका एक अनूठा तरीका है। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने कहा कि चुनाव के छह महीने बीत गया है। अब बाबूलाल क्या बोलना चाहते हैं। चुनाव के समय ही इस बात की चर्चा करना चाहिए था ।



