झारखंड बॉर्डर पर अलर्ट मोड: न्यू ईयर से पहले भागलपुर में कड़ी निगरानी, बॉर्डर पर फुल टाइट सिक्योरिटी

भागलपुर। नए साल की दस्तक से पहले झारखंड बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। हर साल दिसंबर के अंतिम दिनों में शराब तस्करी बढ़ने की आशंका को देखते हुए कहलगांव और पीरपैंती प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद झारखंड में शराब की आसान उपलब्धता तस्करों को आकर्षित करती रही है। इसी वजह से इस बार प्रशासन ने पहले ही कड़ा रुख अपना लिया है। हर आने जाने वाले संदिग्ध वाहनों को रोककर उसकी जांच शुरू कर दी गई है।

मालूम हो कि पुलिस प्रशासन की चौकसी के बाद भी बिहार में शराबबंदी के बाद से ही अवैध रूप से इसकी आपूर्ति झारखंड के सीमावर्ती इलाके से होती रही है। नव वर्ष के जश्न और पार्टियों में झारखंड की शराब बड़े पैमाने पर खपाई जाती रही है। इस धंधे में बड़े-बड़े गिरोह अपने नए-नायाब तरीकों का इस्तेमाल करते रहे हैं। बॉर्डर इलाके से इस वर्ष कई बड़े खेप पुलिस टीम ने जब्त भी की है। जिसे तस्कर भागलपुर जिले स्थित गंगा के आर – पार के इलाकों में खपत करते रहे हैं।

कहलगांव अनुमंडल प्रशासन ने सीमा से लगे इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है। सन्हौला थाना क्षेत्र के पोठिया बैसा चेकपोस्ट पर विशेष पुलिस बल की तैनाती की गई है। डीएसपी कल्याण आनंद ने बताया कि यहां छोटे-बड़े सभी वाहनों की कड़ी जांच हो रही है। हर वाहन को रोककर उसकी पूरी तलाशी ली जा रही है, ताकि एक भी बोतल अवैध शराब सीमा पार न कर सके। सनोखर थाना क्षेत्र के साहूपाड़ा चेकपोस्ट पर भी 24×7 पुलिसकर्मियों की तैनाती है। रात-दिन वाहन चेकिंग जारी है।

डीएसपी ने स्पष्ट कहा कि शराबबंदी के मामले में ज़रा-सी भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी कर्मी की लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई तय है।प्रशासन का लक्ष्य है कि न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान न तो शराब की अवैध बिक्री हो, न सेवन और न ही तस्करी। अधिकारियों का मानना है कि शराबबंदी के सख्त पालन से न केवल कानून-व्यवस्था बेहतर रहती है, बल्कि समाज में स्वस्थ और सुरक्षित माहौल भी बनता है।

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