डीजीपी नियुक्ति मामले को न्यायालय बतौर पीआईएल नहीं रिट याचिका के रूप में करेगी सुनवाई: अजय साह

रांची: भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने एक अहम आदेश देते हुए बाबूलाल मरांडी को कहा कि वे अपनी दायर की गई जनहित याचिका (PIL) को “स्वतंत्रता के साथ वापस लें” और इस मामले में उपलब्ध अन्य वैधानिक उपायों का अनुसरण करें।

कहा कि अदालत का मानना था कि इस प्रकरण में जनहित याचिका का औचित्य नहीं बनता, बल्कि इसके समाधान के लिए अन्य संवैधानिक उपाय ज्यादा उपयुक्त हैं। इसी क्रम में, सर्वोच्च न्यायालय ने बाबूलाल मरांडी द्वारा झारखंड उच्च न्यायालय में दायर रिट याचिका को सुनवाई योग्य मानते हुए यह निर्णय लिया कि इस मामले को PIL के रूप में नहीं, बल्कि रिट याचिका के रूप में सुना जाएगा। यह रिट याचिका झारखंड में पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति एवं चयन प्रक्रिया को चुनौती देती है, जिस पर अब सर्वोच्च न्यायालय सीधे तौर तीन हफ़्ते बाद विचार करेगा।

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