5वें वित्त आयोग की राशि में गड़बड़ी का आरोप, झारखंड उलगुलान संघ ने डीसी को सौंपा ज्ञापन
खूंटी : अलेस्टेयर बोदरा के नेतृत्व में झारखंड उलगुलान संघ ने खूंटी जिले के सभी प्रखंडों में 15वें वित्त आयोग की राशि के कथित दुरुपयोग और बंदरबांट को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। संघ ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा द्वारा चयनित आबद्ध एवं अनाबद्ध योजनाओं को प्राथमिकता देने के बजाय प्रखंड कार्यालयों द्वारा रोबोटिक सोलर वाटर सिस्टम, सोलर वाटर सिस्टम और स्ट्रीट लाइट जैसी गैर जरूरी योजनाओं को पूरक योजना के नाम पर लागू किया जा रहा है।
ज्ञापन में कहा गया कि इन योजनाओं का कार्य जिला से बाहर के वेंडरों के माध्यम से कराया जा रहा है, जबकि पंचायत राज विभाग की अधिसूचना संख्या-1551 दिनांक 25 सितंबर 2020 एवं अधिसूचना संख्या-1010 दिनांक 23 मार्च 2017 के तहत स्पष्ट प्रावधान है कि योजनाओं का कार्यान्वयन स्थानीय लाभुक समिति अथवा प्रखंड स्तर पर निबंधित स्थानीय निविदाकारों के माध्यम से ही किया जाना चाहिए।
संघ ने आरोप लगाया कि बिना स्थानीय लाभुक समिति और बिना निविदा आमंत्रण के योजनाओं का क्रियान्वयन कर वित्त आयोग की राशि की बंदरबांट की जा रही है। साथ ही प्रखंड कार्यालय और वेंडरों की मिलीभगत से घटिया स्तर के उपकरण एवं सामग्री की आपूर्ति कर सरकारी राशि की लूट की जा रही है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पेसा नियमावली लागू होने के बाद किसी भी योजना के कार्यान्वयन से पूर्व पारंपरिक ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है। संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि ग्रामीण विकास और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं में अनियमितता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
झारखंड उलगुलान संघ ने उपायुक्त से मांग की है कि 15वें वित्त आयोग से संचालित योजनाओं की उपयोगिता और खरीद की गुणवत्ता की अविलंब जांच कराई जाए तथा नियमों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर उतरकर जोरदार आंदोलन किया जाएगा।



