हजारीबाग घटना के विरोध में AAP की मांग—अंधविश्वास व मानव बलि पर बने सख्त कानून
रांची : आम आदमी पार्टी झारखंड इकाई ने हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में हुई कथित मानव बलि और अंधविश्वास से जुड़ी जघन्य घटना की कड़ी निंदा की है। मोराबादी स्थित राजकीय अतिथि शाला में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने इसे मानवता पर कलंक बताते हुए राज्य सरकार से ठोस और सख्त कानून बनाने की मांग की।
पार्टी के प्रदेश प्रभारी अमित कुमार ने कहा कि यह केवल आपराधिक घटना नहीं, बल्कि समाज की गहरी विफलता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि आज भी अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर ऐसी घटनाएं होना शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है। उन्होंने बताया कि राज्य में जादू-टोना निवारण कानून तो है, लेकिन मानव बलि जैसे अपराधों के लिए कठोर प्रावधान नहीं होने से यह कानून अपर्याप्त साबित हो रहा है।
प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रभात शर्मा ने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। सह प्रभारी कुमार राकेश ने अंधविश्वास के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की जरूरत बताई, वहीं जोनल कॉर्डिनेटर राजेश लिंडा ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।
प्रेस वार्ता में पार्टी ने “अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र एवं मानव बलि निषेध अधिनियम” बनाने, मानव बलि को ‘दुर्लभतम में दुर्लभ’ अपराध घोषित करने, SIT व फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन, तथा आंगनबाड़ी, विद्यालय और पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने सहित कई मांगें रखीं।
पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो इस मुद्दे पर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।



