भागलपुर में मिली प्राचीन धरोहर, मुर्गी फार्म से 1033 प्राचीन वस्तुएं संग्रहालय में सुरक्षित

भागलपुर: जिले के कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन के प्रयास से जयरामपुर निवासी अविनास चौधरी द्वारा वर्षों से अपने मुर्गी फार्म में संजोई गई पुरातात्विक वस्तुएं आज भागलपुर संग्रहालय में सुरक्षित कर दी गईं।

ये अमूल्य धरोहरें गुआरिडीह पुरातात्विक स्थल (बिहपुर प्रखण्ड) से प्राप्त हैं और इनमें टेराकोटा की मूर्तियाँ, पत्थर का जांता, सिलबट्टा, लोढ़ी, नाद, मिट्टी के बर्तन के टुकड़े, रेड-ब्लैक वेयर, तांबे के पंच मार्क सिक्के, जानवरों की हड्डियां, कंचे, मिट्टी के खिलौने, कच्चे मिट्टी के चूल्हे के अवशेष और पॉलीश्ड ब्लैक वेयर के टुकड़े शामिल हैं। कुल मिलाकर 38 प्रकार की 1033 वस्तुएं संग्रहालय में पहुंचाई गईं।

अंकित रंजन ने बताया कि ये सामग्रियां ताम्र- पाषाण युग से पाल काल तक की हो सकती हैं। ‘ये वस्तुएं न केवल भागलपुर की इतिहासिक धरोहर हैं बल्कि शोधार्थियों और दर्शकों के लिए भी महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं। मुर्गी फार्म में लंबे समय तक रखने से इनकी क्षति और चोरी का खतरा था। अब ये संग्रहालय में सुरक्षित हैं,’ उन्होंने कहा।

संग्रहकर्ता अविनास चौधरी ने बताया कि वर्षों से ये सामग्रियां ग्रामीण कटाव स्थलों से मिलती रही हैं और उन्हें अपने फार्म में रखा करते थे। ‘गांव वाले हमें पागल समझते थे, लेकिन आज इन्हें सुरक्षित देखकर गर्व महसूस हो रहा है।’

इस मौके पर टीएमबीयू के शोधार्थी आयशा, आनंद, रोज़ी, रितेश और फैसल सहित कई स्थानीय निवासी उपस्थित थे।

कला एवं संस्कृति विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी के पास भी पुरातात्विक वस्तुएं हों तो उन्हें तुरंत जिला समाहर्ता के माध्यम से संग्रहालय में सुरक्षित कराएं।

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