भागलपुर में रंग, राग और सवालों की गूंज: 20 से 22 दिसंबर तक सजेगा भागलपुर रंग महोत्सव 2025
भागलपुर। कला, संस्कृति और सामाजिक चेतना का संगम एक बार फिर भागलपुर में देखने को मिलेगा। रंगग्राम जन सांस्कृतिक मंच, भागलपुर की ओर से भागलपुर रंग महोत्सव 2025 का आयोजन 20 से 22 दिसंबर तक कला केंद्र, लाजपत पार्क में किया जा रहा है। यह महोत्सव अपनी 12वीं प्रस्तुति के साथ शहरवासियों के सामने उपस्थित होगा।
पिछले 14 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा यह महोत्सव आज केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है, जिसका इंतजार आम दर्शक से लेकर कला-प्रेमी बुद्धिजीवी वर्ग तक पूरे वर्ष करता है। इस वर्ष का आयोजन पूर्वोत्तर भारत के तीन दिवंगत महान रंगकर्मियों—पद्मश्री रतन थियम, के. बी. शर्मा एवं नाट्य श्री पखिला कोलिता—को समर्पित किया गया है।
महोत्सव की विशेषता यह है कि यह अप-संस्कृति के खिलाफ, लोक कला, रंगकर्म और राष्ट्रीय एकता को समर्पित है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को रूबरू कराएंगे। कार्यक्रमों में लघु नाट्य, नुक्कड़ नाटक, लोक व शास्त्रीय नृत्य, मंजूषा पेंटिंग और रंग जुलूस प्रमुख आकर्षण होंगे।
आयोजन समिति के अनुसार, महोत्सव का उद्देश्य नई पीढ़ी में नीति, नैतिकता, मानवीय मूल्यों, सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना और सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करना है, साथ ही पारंपरिक कलाओं के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष बल देना है। इसी क्रम में कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले देशभर के 21 कलाकारों को वर्ष 2025–26 के लिए राष्ट्रीय ‘रंग सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा।
आयोजकों ने वर्तमान समय की सामाजिक चुनौतियों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक पूंजीवाद के प्रभाव में मानवीय संवेदनाएं कमजोर हो रही हैं और कला बाजारवाद की ओर मुड़ती जा रही है। ऐसे समय में रंग महोत्सव यह सवाल उठाता है कि मानव होने का अर्थ और कलाकार की सामाजिक जिम्मेदारी क्या है।
प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2020 से कलाकारों एवं खिलाड़ियों के लिए रेलवे रियायत बंद किए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। आयोजन समिति ने सरकार से मांग की कि कलाकारों और खिलाड़ियों के लिए रेलवे रियायत की व्यवस्था पुनः बहाल की जाए।
गौरतलब है कि इस महोत्सव में भाग लेने वाले सभी कलाकार अव्यवसायिक हैं। आयोजन का कोई बड़ा प्रायोजक नहीं है और यह पूरी तरह जन सहयोग से संपन्न हो रहा है। महोत्सव के सभी कार्यक्रम दर्शकों के लिए निःशुल्क हैं।
गुरुवार को कला केंद्र में आयोजित प्रेस वार्ता में आयोजन समिति के अध्यक्ष राम शरण, शिक्षाविद राजीव कुमार मिश्रा, प्रो. योगेंद्र, सचिव देवाशीष बनर्जी, तरुण घोष, रंगग्राम जन सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष पंकज कुमार, सचिव दीपक कुमार, मीडिया प्रभारी राहुल तिवारी, धीरज कुमार, श्रीप्रकाश चौधरी, तापस घोष, डॉ. जयंत जलद, अरविंद आनंद, सत्येंद्र भास्कर, राजीव शर्मा, अरविंद कुमार सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने मीडिया से अपील की कि समाज को कला से जोड़ने की इस मुहिम में पूर्व वर्षों की तरह इस वर्ष भी सहयोग प्रदान करें।



