नाथनगर में गरजा एनडीए का शक्ति प्रदर्शन, मोहन यादव बोले – कांग्रेस ने राम मंदिर रोकने के लिए किया नाटक

भागलपुर। जिले के नाथनगर की राजनीति मंगलवार को तब गरमा गई जब एनडीए प्रत्याशी और लोजपा नेता मिथुन कुमार के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने पहुंच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन। दोनों नेताओं ने मंच से विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और जनता से एनडीए को “पांच पांडव” बताकर वोट देने की अपील की।

मोहन यादव का कांग्रेस पर हमला – “अयोध्या में मंदिर न बने, इसके लिए खूब नाटक किया गया”

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने जोशीले अंदाज में कहा कि देश आज एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से बदल रहा है। 2005 के बाद बिहार में नीतीश कुमार ने जिस तरह से विकास की धारा बहाई, वह अब और गति पकड़ चुकी है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “राम मंदिर के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा कांग्रेस रही। उन्होंने हर बार नाटक किया, कानूनी पेंच फँसाए ताकि अयोध्या में भगवान राम का मंदिर न बन सके। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने वो कर दिखाया, जो दशकों तक अधूरा रहा। मोहन यादव ने आगे कहा कि आज अयोध्या और उज्जैन दोनों धार्मिक नगरी के रूप में पूरी दुनिया में पहचान बना चुके हैं।
“मैं महाकाल की नगरी से आता हूं। पहले उज्जैन में सालाना 60 लाख लोग आते थे, अब 60 करोड़ श्रद्धालु पहुँचते हैं। यही परिवर्तन मोदी के नेतृत्व में आया है। अब सीता माता का मंदिर सीतामढ़ी में बन रहा है, वहां भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी,” उन्होंने कहा।

“किसान सम्मान निधि सिर्फ पैसा नहीं, किसानों का आदर है”

मुख्यमंत्री यादव ने मोदी सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों को दी जा रही सम्मान निधि महज आर्थिक मदद नहीं बल्कि उनके परिश्रम का आदर है। कांग्रेस ने वर्षों तक किसानों को ठगा। जो पैसा आज किसान के खाते में जा रहा है, वो उसका अधिकार है, मोदी जी ने उसे सम्मान दिया है।
शाहनवाज हुसैन बोले – महागठबंधन डूबता जहाज है”

सभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने मंच संभालते ही माहौल को जोशीला बना दिया।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव महाकाल की नगरी से आए हुए कर्मयोगी हैं, जो कार्यकर्ता से मुख्यमंत्री बने। यह भाजपा की संस्कृति का प्रमाण है।

विपक्ष पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि महागठबंधन अब डूबता हुआ जहाज है। जनता समझ चुकी है कि इनके पास न नीति है, न नीयत। बिहार की जनता धर्म के नाम पर नहीं, सिद्धांतों के नाम पर वोट देती है।

सभा में जोश, भीड़ और नारेबाजी

नाथनगर की यह जनसभा पूरी तरह राजनीतिक जोश से सराबोर रही। मंच के नीचे युवा कार्यकर्ताओं का हुजूम मोदी-नीतीश जिंदाबाद के नारों से गूंजता रहा। महिलाओं और बुजुर्गों की भी अच्छी भागीदारी देखी गई। सभा के दौरान मिथुन कुमार ने भी अपने संबोधन में जनता से अपील की कि एनडीए सरकार ही विकास की गारंटी है।

नाथनगर की यह जनसभा न केवल एनडीए के शक्ति प्रदर्शन का मंच बनी, बल्कि आने वाले चुनावी रण का सुर भी तय कर गई। जहां मोहन यादव ने धार्मिक और विकास के मुद्दों पर कांग्रेस को घेरा, वहीं शाहनवाज हुसैन ने महागठबंधन को “डूबती नाव” करार देते हुए जनता को चेताया। अब देखना यह है कि इस राजनीतिक हुंकार का असर भागलपुर की सियासत में कितना गूंजता है।

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