बाल संरक्षण के लिए सहयोगात्मक भाव जरूरी : उज्जवल प्रकाश तिवारी
लातेहार:झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग उज्जवल प्रकाश तिवारी की अध्यक्षता में गुरुवार को बाल अधिकार एवं सुरक्षा विषय पर समीक्षा बैठक हुई।
बैठक में सर्वप्रथम बाल अधिकारों की सुरक्षा, बच्चों के पुनर्वास, बाल श्रम उन्मूलन, अनाथ एवं बेसहारा बच्चों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए सदस्य, झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग रांची ने निर्देश दिया कि जिले में सभी बच्चों को संरक्षित, सुरक्षित एवं सहयोगात्मक वातावरण मिले, इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने बाल विवाह, बाल श्रम तथा शोषण के विरुद्ध संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
रेस्क्यू किए गए बाल मजदूरों, विशेष रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों की सुरक्षा, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिए।
सदस्य, झारखण्ड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, रांची ने सभी सरकारी, गैर सरकारी शिक्षकों, विद्यालयों में संचालित बसों के चालक तथा उप चालकों का चरित्र प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का निदेश दिया. साथ ही पुलिस विभाग, श्रम विभाग, खनन विभाग, परिवहन विभाग, जिला बाल कल्याण समिति एवं बाल संरक्षण विभाग से सयुक्त धावा दल बनाकर नियमित छापा मारने हेतु निदेशित किया गया. सदस्य, झारखण्ड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा नगर पंचायत लातेहार को निर्देश दिया गया कि स्कूली बच्चों हेतु नगर पंचायत क्षेत्र में कुल 6 स्थान चिन्हित किया जाए जहां पर स्कूली बस निर्धारित जगह पर रुके वहीं पर बच्चे स्कूल बस में बैठे.
साथ ही उन्होंने सिविल सर्जन लातेहार को नियमित तौर पर एक एम्बुलेंस जिला बाल संरक्षण इकाई को बच्चों के मदद, मेडिकल जाँच, उन्हें लाने तथा पहुंचाने हेतु उपलब्ध कराने का निदेश दिया. तथा पुलिस विभाग से दो महिला होमगार्ड अथवा महिला पुलिस उपलब्ध कराने हेतु निदेशित किया.
बैठक में पुलिस उपाधीक्षक, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला परिवहन पदाधिकारी, सिविल सर्जन, श्रम अधीक्षक, खनन पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, थाना प्रभारी, लातेहार, जिला योजना पदाधिकारी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, बाल कल्याण समिति सदस्य, एवं अन्य संबंधित उपस्थित थे।



