गर्भवती महिला की हत्या में 6 गिरफ्तार
बेरमो – बोकारो जिला के बेरमो थाना क्षेत्र अंतर्गत 5 नंबर धौड़ा में 29 मई की रात गर्भवती महिला अनिता देवी की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों
बबलु कुमार उर्फ बबलु भुईयाँ,
सुरेन्द्र भुईयाँ,
विरेन्द्र कुमार भारती,
राहुल दिगर ,
धिरेन भुईयाँ उर्फ धीरेन कुमार भारती, राजेश कुमार
को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि, इस पूरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी संतोष साव अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। बेरमो एसडीपीओ रविंद्र कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता कर बताया कि 29 मई की रात करीब 9 बजे 5 नंबर धौड़ा में मृतका अनिता देवी और उनके पड़ोसियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। कथित तौर पर कोयला चोरों के साथ हुआ यह विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। मारपीट के दौरान गर्भवती अनिता देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन उन्हें तुरंत ढोरी स्थित रिजनल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतका के पति महेश भुईयाँ के आवेदन पर 30 मई को बेरमो थाना में मामला दर्ज करवाया गया । इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में 30 मई की सुबह से ही स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे। अनिता कुमारी के शव को सड़क पर रखकर फुसरो को पूरी तरह जाम कर दिया गया। आंदोलन 30 मई की सुबह से लेकर 31 मई की सुबह 4 बजे तक (लगभग 20 घंटे से अधिक) जारी रहा। डुमरी विधायक जयराम महतो और सांसद ढुल्लू महतो प्रदर्शनकारियों के समर्थन में फुसरो पहुंचे।
सांसद ढुल्लू महतो ने अल्टीमेटम दिया था कि यदि 31 मई की सुबह तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो पूरा बोकारो बंद किया जाएगा। इस भारी जनदबाव के बाद पुलिस प्रशासन ने ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि घटना का मुख्य आरोपी संतोष साव वारदात के दो दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर क्यों है? हालांकि, बेरमो एसडीपीओ रविन्द्र कुमार सिंह ने दावा किया है कि पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और मुख्य आरोपी समेत अन्य संलिप्त लोग भी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।



