एसिड अटैक पीड़िता की हत्या मामले में दो महिलाओं समेत तीन लोगों को उम्रकैद की सजा

भागलपुर। एसिड अटैक पीड़िता की हत्या के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे)-13 की अदालत ने बुधवार को अहम फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषियों में नीरज कुमार के साथ दो महिलाएं—रूबी कुमारी और प्रीति कुमारी शामिल हैं। यह मामला जून 2021 का है।

करीब चार साल लंबी सुनवाई और गवाही के बाद पीड़िता के परिजनों को न्याय मिला। हालांकि, पूजा को न्याय उसकी मृत्यु के बाद ही मिल सका।

यह मामला भागलपुर जिले के कहलगांव प्रखंड स्थित बुददुचक थाना अंतर्गत रानी दियारा क्षेत्र से जुड़ा है।

क्या था मामला:

पीड़िता के परिजनों के अनुसार, 30 जून 2021 को उनकी पुत्री पूजा कुमारी को रूबी कुमारी पास की किराना दुकान पर ले गई थी। उस दुकान में पहले से नीरज कुमार और प्रीति कुमारी मौजूद थे। नीरज, पूजा से एकतरफा प्रेम करता था और जबरदस्ती करना चाहता था। पूजा के विरोध करने पर नीरज ने दुकान का शटर गिरा दिया और दोनों युवतियों की मदद से जबरन पूजा के मुंह में तेजाब डाल दिया।

घटना के बाद पूजा जब घर पहुंची, तो उसे उल्टियां होने लगीं और मुंह से खून आने लगा। परिजनों ने तुरंत उसे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने उसे मायागंज रेफर कर दिया। हालत गंभीर होने पर वहां से उसे पीएमसीएच रेफर किया गया। हालांकि परिजन उसे एक निजी क्लिनिक में ले गए, जहां वह 15–20 दिनों तक आईसीयू में भर्ती रही।

घटना के एक महीने बाद, जुलाई 2021 में परिजनों ने बुददुचक थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई। इलाज के बाद पूजा घर लौट आई, लेकिन उसे खाने और बोलने में लगातार परेशानी होती रही। उसकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था।

उधर कोर्ट में केस की सुनवाई शुरू हुई, लेकिन करीब छह महीने बाद पूजा की मृत्यु हो गई।

अदालत का फैसला:

अपर लोक अभियोजक जयप्रकाश यादव ‘व्यास’ ने सरकार की ओर से केस का पक्ष रखा। ग्यारह लोगों की गवाही के आधार पर अदालत ने तीनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया। एडीजे-13 के न्यायाधीश प्रशांत कुमार झा ने नीरज कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 307 और 342 के तहत दोषी मानते हुए तीन लाख दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। वहीं, रूबी कुमारी और प्रीति कुमारी पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जांच में यह स्पष्ट हुआ कि नीरज और दोनों युवतियों ने मिलकर पूजा को तेजाब पिलाया। पीड़िता ने अपने 164 के बयान में भी यही कहा था और प्राथमिकी में भी इसका उल्लेख है। सभी साक्ष्य एक-दूसरे के पूरक रहे और उसी के आधार पर दोष सिद्ध हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *