सोन नदी पर बने अब्दुलबारी पूल के वजूद पर संकट,बालू माफियाओं के द्वारा अवैध निकासी से सवालिया निशान ,सोन नदी व अब्दुल बारी पुल दोनों के वजूद पर संकट

अनूप कुमार सिंह,पटना।”तारीख कि आंखों ने वो हाल भी देखा है?लम्हों ने खता की? सदियों ने सजा पाई”!.जी हां?बिहार के भोजपुर जिले अंतर्गत कोईलवर सोन नदी पर बने अब्दुलबारी पूल के वजूद पर भीषण संकट का सनसनीखेज मामला प्रकाश में है!जहां बालू माफियाओं व सरकारी तंत्र की मिलीभगत से कोईलवर सोन नदी पर बने अब्दुलबारी पूल के पाया में दरारें दिखने लगी है! गौरतलब हो कि देश में अंग्रेजों के जमाने से बने सोन नदी पर सबसे मजबूत व पुराने अब्दुलबारी पूल को बालू माफियाओं ने संकट में डाल दिया है।जी हां?कोईलवर सोन नदी पर बने अब्दुलबारी पूल के वजूद पर ही संकट खड़ा हो गया है।दिलचस्प बात तो यह है कि रेलवे के वार्निग के बावजूद लगातार पुल के नीचे पाया के पास से अवैध बालू निकासी बदस्तूर जारी है।जिसके कारण कोईलवर सोन नदी व अब्दुल बारी पुल दोनों के वजूद पर संकट व सवालिया निशान खड़ा हो गया है।जहां बिहार सरकार के आला अफसरों व बालू माफियाओं की मिलीभगत जगजाहिर है।भोजपुर जिले अंतर्गत सोन नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए कई सामाजिक कार्यकर्ता व नेताओं ने सरकार के आला अफसरों को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की।लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।बहरहाल पूरे शाहाबाद में इस मामले को लेकर आप लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया है।बालू माफियाओं के आतंक से पूरा इलाका त्राहिमाम हो गया है।आए दिन लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।भोजपुर के जन सुराज के वरिष्ठ नेता व बड़हरा प्रत्याशी सौरव  सिंह यादव व कांग्रेस किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष अरविन्द सिंह ने भोजपुर डीएम व बिहार सरकार से अविलंब जांच कर, उचित कार्रवाई की मांग की है।

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