आपदा प्रबंधन को लेकर जिलाधिकारी ने की बैठक, नवगछिया में बांध सुरक्षित – जिलाधिकारी
भागलपुर। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को समीक्षा भवन में बाढ़ राहत कार्यों को लेकर एक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सर्पदंश की स्थिति में त्वरित चिकित्सा अति आवश्यक है। एंटी रेबीज और एंटी स्नेक वैक्सीन का स्टॉक अविलंब जांचने का निर्देश दिया गया। कोबरा के काटने पर एक घंटे के भीतर तथा करैत के काटने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की आवश्यकता पर बल दिया गया। उन्होंने कहा कि सर्पदंश के स्थान को बांध कर तुरंत अस्पताल भेजना चाहिए।
सामुदायिक किचन और राहत सामग्री की निगरानी
जिलाधिकारी ने सामुदायिक किचनों की नियमित सफाई कराने, स्टॉक रजिस्टर संधारित करने और प्रभारी से सूची पर हस्ताक्षर लेने के निर्देश दिए। पॉलीथिन सीट, पशु चारा और अन्य राहत सामग्रियों का लेखा-जोखा सही रखने की हिदायत दी गई। भंडार पंजी एवं प्रभावित व्यक्तियों की सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
डिजिटल डेटा प्रबंधन और सर्वेक्षण ;
‘सम्पूर्ति पोर्टल’ का डेटा 18 अगस्त तक अद्यतन करने का निर्देश दिया गया। साथ ही पूर्ण रूप से प्रभावित वार्डों एवं पंचायतों की सूची सत्यापित करने तथा वीडियोग्राफी कराने का आदेश दिया गया। पोर्टल पर डुप्लीकेट एंट्री से बचने की भी चेतावनी दी गई।
बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर चर्चा :
बैठक में बताया गया कि नवगछिया में बांध सुरक्षित है। एनएच-31 और एनएच-80 की स्थिति की समीक्षा की गई और आवश्यक मरम्मत के लिए कार्यपालक अभियंता को पत्र भेजने का निर्देश दिया गया। संबंधित जिलों को 24 घंटे के भीतर सड़क मरम्मत कार्य पूर्ण करने को कहा गया।
अन्य निर्देश :
राहत शिविर से घर लौट रहे लोगों की मेडिकल जांच कराना अनिवार्य किया गया। नाव परिचालन और जनरेटर लॉग बुक की नियमित जांच की बात कही गई। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि चापाकल की स्थिति (नया या पूर्व से संस्थापित) की पूरी जानकारी दर्ज हो। बैठक में जिले के सभी वरीय पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।



