झारखंड में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण और स्पष्ट रोड मैप होना जरूरी :सुदेश महतो

रांची: झारखंड की युवा शक्ति को संगठित करने और आगामी चुनौतियों की रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से युवा आजसू का राज्यस्तरीय प्रतिनिधि सम्मेलन मार्च माह में आयोजित किया जाएगा। यह निर्णय आज पार्टी के प्रधान कार्यालय में आयोजित युवा आजसू की प्रदेश संयोजक मंडल की बैठक में लिया गया।इस अवसर पर पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष श्री सुदेश महतो ने राज्य भर से आए युवा प्रतिनिधियों के साथ लंबी चर्चा की और संगठन के विस्तार, झारखंड तथा झारखंडियत के संघर्ष पर विस्तार से विचार रखे।नगर निकाय चुनाव पर सवाल
मीडिया से बातचीत में श्री महतो ने नगर निकाय चुनाव में सरकार की भूमिका पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनाव में कैंडिडेट की घोषणा सरकार कर रही है, मुख्यमंत्री स्वयं चुनाव प्रचार का हिस्सा हैं, तो दलीय आधार पर चुनाव कराने से परहेज क्यों किया जा रहा है? यह कहीं न कहीं परोक्ष रूप से राजनीतिक जनमत के साथ धोखा है।उन्होंने कहा कि पहले भी नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर हुए हैं, तो इस बार सरकार दलीय आधार से भाग क्यों रही है? इस सवाल का जवाब अब तक नहीं मिला है, जबकि बार-बार यह प्रश्न उठाया जा रहा है।
निवेशक सम्मेलन और विदेश यात्रा पर प्रतिक्रिया
पत्रकारों द्वारा मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा के सवाल पर्व श्री महतो ने कहा कि झारखंड के उत्थान के लिए मैं भी आशावादी हूं। इस तरह के इवेंट में भाग लेने वाला झारखंड पहला राज्य नहीं है और न ही यह पहला दल है जो ऐसा कर रहा है।उन्होंने कहा कि किसी भी इन्वेस्टर के निवेश के लिए राज्य में अनुकूल वातावरण और स्पष्ट रोडमैप होना आवश्यक है। सवाल यह है कि क्या राज्य में ऐसा वातावरण है कि निवेशक आएं और रोजगार सृजन कर सकें?उन्होंने कहा कि पहले यह आंकलन करिए कि सरकार के विदेश दौरे के दौरान जितने दिन वह बाहर रही, उन दिनों झारखंड का क्राइम रेट क्या रहा। क्या ऐसे हालात में निवेशक यहां आकर निवेश करने को तैयार होंगे?
जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में युवा व्यवसायी का हाल में हुए अपहरण का मामला उठाते हुए उन्होंने कहा कि आज भी प्रशासन कोई ठोस परिणाम देने में असफल रहा है, परिजन परेशान हैं। वहीं हजारीबाग के बड़का गांव की कल की घटना भी गंभीर सवाल खड़े करती है। ऐसे माहौल में क्या निवेशक झारखंड में निवेश करने को तैयार होंगे?

युवाओं को संगठित करने की जरूरत
संगठन के विस्तार और झारखंडियत के मुद्दे पर बोलते हुए श्री महतो ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद झारखंड का सृजन हुआ था और अब यह युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे राज्य को सही दिशा में ले जाएं, ताकि झारखंड और झारखंडियत को उनका हक मिल सके। यह संघर्ष आजसू पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता ही आगे बढ़ा सकते हैं।उन्होंने कहा कि आज झारखंड में युवाओं की एक बड़ी आबादी है, जो उपेक्षित और दरकिनार की गई है। इन सभी युवाओं को एक सूत्र में पिरोना होगा। तभी उनकी शक्ति के प्रवाह से वर्तमान अचेत सत्ता को उखाड़ फेंकने और अपने भविष्य के झारखंड के नवनिर्माण का सपना साकार किया जा सकेगा।उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से पार्टी की इकाई युवा आजसू का दो दिवसीय राज्यस्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसकी तैयारी में हमें अभी से जुट जाना चाहिए, जैसे कि हम आगामी नगर निकाय चुनावों की तैयारी में लगे हैं। उन्होंने कहा कि युवा ही मौजूदा सरकार की गलत नीतियों और वादाखिलाफी का मुंहतोड़ जवाब देंगे।युवाओं से संघर्ष के लिए तैयार रहने की अपील
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता श्री देवशरण भगत ने युवाओं से आह्वान किया कि वे संगठन को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ जनहित के मुद्दों पर संघर्ष के लिए सदैव तैयार रहें।बैठक की अध्यक्षता युवा आजसू के प्रदेश संयोजक जब्बार अंसारी ने की। बैठक में रांची महानगर सहित विभिन्न जिलों के युवा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं संगठन के वरिष्ठ नेता मौजूद थे।इसमें केंद्रीय सचिव हरीश सिंह, केंद्रीय मीडिया संयोजक परवाज़ खान, पियूष चौधरी, युवा महानगर अध्यक्ष अमित यादव, युवा महानगर उपाध्यक्ष अमित साहू, राजेश महतो, उत्कर्ष महतो, देवा महतो, चेतन प्रकाश, अजीति सिंह, रमेश उरांव, सचिन भगत, अभिरंजन तिवारी, दीपक महतो, अमित यादव, तौफिक, विशाल प्रजापति सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल थे।सभी जिलों के प्रतिनिधियों ने इस बैठक में सक्रिय भागीदारी निभाई।

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