नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन,बीजेपी कार्यालय का किया घेराव,गेट का ताला भी तोड़ा,भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात
रांची: नेशनल हेराल्ड प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के विरोध में बुधवार को रांची में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में जुटे कांग्रेसियों ने प्रदेश भाजपा कार्यालय के बाहर रोषपूर्ण प्रदर्शन कर केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियों पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने किया। उनके साथ कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, सिमडेगा विधायक एनवी कौनगाड़ी, प्रदेश कांग्रेस महिला अध्यक्ष रामा खलखो, प्रदेश प्रवक्ता किशोरनाथ शहदेव, राकेश सिंहा समेत कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। प्रदर्शन में रांची, खूंटी, गुमला और रामगढ़ जिलों से भी कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शन से पहले सभी कांग्रेसी हरमू मैदान में एकत्रित हुए, जहां से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए भाजपा कार्यालय की ओर बढ़े। भाजपा कार्यालय के बाहर पहले से भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात थे। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता कार्यालय के मुख्य गेट पर डटे रहे और विरोध दर्ज कराते हुए गेट का ताला तोड़ने की कोशिश की। हालांकि पुलिस की सतर्कता के चलते वे कार्यालय परिसर के अंदर प्रवेश नहीं कर सके। बाद में पुलिसकर्मियों ने समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया और प्रदर्शनकारियों को वापस लौटाया।
मीडिया से बातचीत में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि बिना एफआईआर के सोनिया गांधी और राहुल गांधी को ईडी द्वारा परेशान किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में ईडी को फटकार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही है और अगर यह सिलसिला नहीं रुका तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी।
वहीं, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर लगाए गए आरोप निराधार साबित हो चुके हैं, इसके बावजूद ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल लोकतंत्र को कमजोर करने के बजाय उसे मजबूत करने के लिए होना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में केंद्र सरकार की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया।



