रिम्स जीबी की बैठक खत्म, मरीजों के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता,नई लैब, एम्बुलेंस और मेडिकल सुविधाओं के कई महत्वपूर्ण फैसले
रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान की शासी परिषद की बैठक गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जो मरीजों, मेडिकल स्टाफ और शिक्षार्थियों के लिए लाभकारी होंगे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि रिम्स में इलाज के दौरान किसी मरीज की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को 5,000 रुपये की सहायता राशि तुरंत प्रदान की जाएगी। भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
इस वर्ष तीन नए हाईटेक टेस्टिंग लैब खोली जाएंगी और 5 नए शव वाहन (मोक्ष वाहिनी) खरीदे जाएंगे। इसके अलावा 207 नई एम्बुलेंस की खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
त्योहारों को ध्यान में रखते हुए ANM और GNM कर्मियों की सैलरी बढ़ाई गई, साथ ही अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों और विभिन्न कर्मियों का मानदेय भी बढ़ाया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इंटर्नशिप करने वाले डॉक्टरों को AIMS के तर्ज पर 30,000 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। जल्द ही MRI सुविधा भी शुरू की जाएगी।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े फैसलों के तहत रिम्स में नीट की तैयारी के लिए व्यवस्था की जाएगी। एमबीबीएस और पीजी सीटों में विस्तार की प्रक्रिया भी चल रही है। एमबीबीएस के लिए 180 सीटें हैं, 250 सीट तक बढ़ाने के लिए प्रस्ताव रखा गया था, जो रिजेक्ट हो गया है, अब अपील की जा रही है। PG के लिए सीटों को 176 से बढ़ाकर 250 करने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
अगली जीबी बैठक 12 नवंबर को आयोजित होगी, जिसमें एंबुलेंस की खरीद और अन्य फैसलों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।



