गैस सिलेंडर बुकिंग की शर्तों पर सवाल, ग्रामीण उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग
खूंटी: झारखंड विकास मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं राजनीतिक नेता दिलीप मिश्रा ने केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा गैस सिलेंडर बुकिंग को लेकर जारी आदेश एवं शर्तों पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह नियम ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के बीच असमानता पैदा करता है, जिसे जनहित में तुरंत रद्द किया जाना चाहिए।
मिश्रा ने तर्क दिया कि शहरी क्षेत्रों में अधिकांश परिवार छोटे (न्यूक्लियर) होते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में संयुक्त परिवारों का प्रचलन अधिक है। ऐसे में गांवों में गैस की खपत स्वाभाविक रूप से ज्यादा होती है, लेकिन मौजूदा नियम इस वास्तविकता को नजरअंदाज करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि शहरों में गैस पाइपलाइन की सुविधा उपलब्ध है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा, शहरी इलाकों में बिजली आपूर्ति बेहतर होने के कारण लोग इंडक्शन और माइक्रोवेव जैसे विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन गांवों में बिजली की अनियमितता के कारण लोग पूरी तरह गैस सिलेंडर पर निर्भर रहते हैं।
मिश्रा ने सवाल उठाया कि 25 या 45 दिनों के अंतराल में सिलेंडर बुकिंग की शर्त व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि एक बड़े परिवार के लिए इतने दिनों तक एक सिलेंडर चलाना मुश्किल है। उन्होंने इसे आम जनता के मौलिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि सरकार को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह का भेदभाव नहीं करना चाहिए।
अंत में उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि गैस सिलेंडर बुकिंग एवं वितरण से संबंधित वर्तमान शर्तों को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर सरल और सुगम व्यवस्था लागू की जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।



