समावेशन की नई मिसाल: एनटीपीसी कहलगांव में विश्व दिव्यांग दिवस 2025 का संवेदनशील आयोजन
भागलपुर। एनटीपीसी कहलगांव परियोजना में विश्व दिव्यांग दिवस 2025 गरिमामय और प्रेरणादायी माहौल में मनाया गया। ‘दिव्यांग-समावेशी समाजों के निर्माण द्वारा सामाजिक प्रगति को प्रोत्साहन’ थीम पर आधारित कार्यक्रम प्रशासनिक भवन स्थित चाणक्य सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में श्री मनोरंजन परिदा, महाप्रबंधक (ओ एंड एम) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दिव्यांगजनों के अधिकारों और सशक्तिकरण पर केंद्रित एक प्रभावशाली वीडियो प्रस्तुति से हुई। इसके बाद कर्मचारियों व अधिकारियों ने दिव्यांगजन समावेशन पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा निक वुजिसिक की प्रेरक कहानी – एक ऐसे युवक की, जो सौ प्रतिशत शारीरिक चुनौती के बावजूद न केवल आत्मनिर्भर बने बल्कि अन्य दिव्यांग युवाओं को प्रशिक्षण देकर उनका भविष्य भी संवार रहे हैं। उनकी कहानी ने सभी को यह संदेश दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच हर मुश्किल को अवसर में बदल सकती है।
मुख्य अतिथि मनोरंजन परिदा ने संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांगजन किसी भी रूप में कमतर नहीं, बल्कि अद्भुत क्षमताओं से परिपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारा कर्तव्य है कि हम ऐसा वातावरण बनाएं जहाँ हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुरूप योगदान दे सके। सफलता का मार्ग परिस्थितियां नहीं, बल्कि हमारा साहस और संकल्प तय करते हैं।’
अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) मनोरंजन सारंगी ने कहा कि एनटीपीसी कहलगांव में समावेशन और समान अवसर सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने दिव्यांग कर्मचारियों को संगठन की ‘अनमोल शक्ति’ बताते हुए सभी कर्मचारियों से सहयोग और संवेदनशीलता बढ़ाने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में विश्व दिव्यांग दिवस के उपलक्ष्य में केक काटा गया और प्रतिभागियों को स्मृति-चिन्ह प्रदान किए गए। एनटीपीसी कहलगांव में आयोजित यह कार्यक्रम न सिर्फ जागरूकता बढ़ाने वाला रहा, बल्कि सभी में सकारात्मकता, संवेदना और प्रेरणा का संचार भी करता रहा।



