भागलपुर में एनडीए का बंद प्रदर्शन: दुकानें बंद कराईं, राहगीरों को रोका, प्रेस फोटोग्राफर से मारपीट, मां को कहे अपशब्द
भागलपुर। बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) द्वारा आहूत बंद का असर गुरुवार सुबह भागलपुर में व्यापक रूप से देखा गया। जैसे ही शहर की सड़कों पर सुबह की चहल-पहल शुरू हुई, एनडीए समर्थक कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में सड़कों पर उतर आए और खुली दुकानों को बंद कराने लगे। कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर जुलूस निकालकर “राहुल-तेजस्वी हाय-हाय” के नारे लगाए, दुकानों को बंद कराया और कई जगहों पर सड़क अवरुद्ध कर यातायात ठप कर दिया। राहगीरों की बाइक भी रोकी गई। हालांकि बंद के आह्वान को देखते हुए अधिकतर दुकानें पहले से ही बंद थीं।
प्रेस की आज़ादी पर हमला:
बंद के दौरान सबसे शर्मनाक घटना शहर के घंटाघर चौक पर सामने आई, जहां बंद समर्थक एनडीए कार्यकर्ताओं ने भागलपुर के एक वरिष्ठ प्रेस फोटोग्राफर कांतेश के साथ मारपीट की। जानकारी के अनुसार, फोटो खींचने पर कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ उनके साथ हाथापाई की, बल्कि उनका चश्मा भी तोड़ दिया। इसके अलावा अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें मां की गालियां दी गईं। गाली देने वाले एक व्यक्ति को फोटोग्राफर ने थप्पड़ भी जड़ दिया। यह घटना पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर सीधा हमला मानी जा रही है। घटना के बाद प्रेस फोटोग्राफर एसोसिएशन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
महिला शिक्षिका से बदसलूकी:
बंद के दौरान भागलपुर के गंगा पार स्थित गोपालपुर रेलवे फाटक के पास एक महिला शिक्षिका के बार-बार आग्रह के बावजूद रास्ता नहीं दिए जाने पर वह आक्रोशित हो गईं। उन्होंने कहा, “एक तरफ मां के सम्मान की बात करते हैं, दूसरी तरफ मैं आपकी बहन हूं, मुझे जाने नहीं दे रहे हैं। यह किस तरह का महिला सम्मान है?” हालांकि, कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं को शिक्षिका को समझाते हुए और उन्हें रास्ता देने की कोशिश करते भी देखा गया।
वहीं, शाहकुंड में एक बंद समर्थक द्वारा बाइक सवार से धक्का-मुक्की का वीडियो सामने आया है, जिसमें पीछे बैठी महिला भयभीत नजर आ रही है। ये सभी घटनाएं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
जिलेभर में प्रदर्शन:
भागलपुर के अलावा जिले के अन्य कस्बों – नवगछिया, सुल्तानगंज, शाहकुंड, कहलगांव और पीरपैंती में भी एनडीए कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर सड़कों को जाम किया और स्थानीय बाजार बंद कराए। भागलपुर की प्रमुख सड़कों – स्टेशन चौक, घंटाघर चौक, भेरायटी चौक, बरारी, खलीफाबाग और कचहरी चौक में दिनभर अफरा – तफरी का माहौल बना रहा।
जनजीवन प्रभावित, निजी स्कूल बंद रहे :
बंद के चलते भागलपुर में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। निजी और सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति बेहद कम रही। निजी स्कूलों में एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी गई थी। सरकारी स्कूल खुली रही। सार्वजनिक परिवहन भी दिनभर बाधित रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। खासकर, भागलपुर से ट्रेन पकडकर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले परिवार को स्टेशन पहुंचने में काफी परेशानी झेलनी पडी। वे पांव – पांव अपने भारी सामान लेकर ट्रेन पकड़ने पहुंचे।



