सीतामढ़ी में अमन एजुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के तत्वाधान में मुशायरा व कवि सम्मेलन का आयोजन

सीतामढ़ी । अमन एजुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के तत्वाधान में इस्लाम परवेज़, बदरूल हसन बद्र एवं अनस कैफी की याद में अमन चैन और भाईचारे को समर्पित मुशायरा व कवि सम्मेलन मेहसौल आजाद चौक स्थित मीना विवाह पैलेस में आयोजित हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता दबीर आलम अनवर एवं संचालन जावेद इकबाल अर्शी ने किया। ट्रस्ट द्वारा सम्मेलन की मुख्य अतिथि नगर निगम की मेयर रौनक जहां परवेज़, विशिष्ट अतिथि पूर्व कमिश्नर अरूण जायसवाल, मेयर पति जदयू नेता मो आरिफ़ हुसैन, राजद नेता जुनैद मेहसौलवी, समाजसेवी सैयद अलहसन समेत कवि एवं कवयित्री को शॉल ओढ़ाकर एवं मोमेंटो भेट कर सम्मानित किया गया।

ट्रस्ट के सचिव अलाउद्दीन बिस्मिल ने अपनी रचना मैंने भी अदब का, फन सिख लिया, इस्लाम परवेज़ को पढ़ने के बाद। मुझको हर सिम्त से वह रोशनी भर जाएगी, जब भी याद कैफी और बद्र की नजर जाएगी पढ़ मेहसौल के तीनों शायर को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की। अरूण जायसवाल ने अपनी रचना तेरा निजाम है, सैलाब रोक दे राय का, गुलास सांस को अब भी अमन मुकर्रर है सियासत पर तंज को लोगों ने खूब सराहा। गोपाल फलक ने अपनी रचना ख्यालों के दीप जगमगाते रहे, तुम न आए मगर याद आते रहे। हेमा सिंह ने लो गई उम्र की शाम ढ़ल प्रेम में, जिदंगी बन गई एक गज़ल प्रेम में। चांदनी समर ने भीगी पलकों पे नया ख्वाब सजाया जाए, किसी मजलूम को मिलकर के हंसाया जाए पढ़ कर दर्शकों को झुमने और देर रात तक बैठने पर मजबूर किया। खुशदिल मौलानगरी ने रूतबा हुआ न कत्ल से कमतर हुसैन का, निजे पे भी बुलंद रहा सर हुसैन का। अबरार अकरम ने कर्बला के धरती पर आज भी वह जिंदा हैं, मिट गया यजीदी सब आज हुसैन जिंदा हैं पढ़ इमाम हुसैन की कुर्बानी को सलाम किया। अबु नसर अफज़ल ने सिर्फ पैसों से होता नहीं मुनकीद, ऐसी महफिल सजाने को दिल चाहिए पढ़ ट्रस्ट की कोशिशों को सराहा। अलाउद्दीन बिस्मिल ने मुख्य अतिथि मेयर रौनक जहां के नजर अपनी रचना रौनक जहां है तो सीतामढ़ी की रौनक बनी रहती है, हर गली हर मोड़ पे उम्मीद जगी रहती है पढ़ वाहवाही बटोरी। गुफरान राशीद ने अना के जिद में आके लोग रिश्ते तोड़ देते हैं, जरा सी बात पे कांधा लगाना छोड़ देते हैं। मो इमाम अली ने बदलता है रंग यह जहां कैसे कैसे, देखाता है रूख यह जमां कैसे कैसे वर्तमान सामाजिक परिवेश पर तंज कसा। खेशाल असगर ने उलफत की शराब आज पिलाई है किसी ने, नजरों से नजर खूब मिलाई है किसी ने पढ़ मंत्रमुग्ध किया।
मेयर सहित सभी अतिथि देर रात्रि तक मुशायरा व कवि सम्मेलन का आनंद लिया।

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