धन धान्य कृषि योजना की शुरुआत, खूंटी किसानों ने देखा सीधा प्रसारण

गणादेश,खूंटी : नई दिल्ली स्थित एनएएससी कॉम्प्लेक्स में शनिवार को आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना, पल्सेज मिशन और अन्य महत्वपूर्ण कृषि योजनाओं का औपचारिक शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण खूंटी के कृषि विज्ञान केंद्र परिसर से किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों किसानों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर खूंटी लोकसभा क्षेत्र के सांसद काली चरण मुंडा मुख्य अतिथि तथा तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ ओम प्रकाश कांटवा द्वारा किया गया, जबकि अध्यक्षता एवं धन्यवाद ज्ञापन कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ दीपक राय ने किया।

योजनाओं के उद्देश्य

नई कृषि योजनाओं का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र को समग्र रूप से सशक्त बनाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। योजनाओं के प्रमुख लक्ष्य कम उत्पादन वाले जिलों पर विशेष ध्यान देकर कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना, विशेष रूप से दालों और फलों के उत्पादन में। फसल उपरांत भंडारण क्षमता का विस्तार पंचायत और ब्लॉक स्तर पर करना। सिंचाई अवसंरचना को मजबूत बनाकर किसानों को जल संसाधनों की विश्वसनीय उपलब्धता सुनिश्चित करना। कृषि ऋण की पहुंच बढ़ाना ताकि किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सके।

योजना की कार्यप्रणाली

प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना एक समेकित एवं अभिसरण आधारित मॉडल पर कार्य करेगी, जिसमें विभिन्न सरकारी योजनाओं का समन्वय कर एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया गया है। देश के 100 जिलों को इस योजना के तहत चिन्हित किया गया है, जहां फसल उत्पादकता और ऋण उपलब्धता औसत से कम है।

योजना की निगरानी के लिए मुख्य निष्पादन संकेतकों पर आधारित एक डैशबोर्ड विकसित किया गया है, जिससे कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा होगी। इसके साथ ही जिला स्तर पर धन धान्य समितियां गठित कर स्थानीय योजना और क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

इस मौके पर सांसद काली चरण मुंडा ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई ये योजनाएं किसानों की आर्थिक उन्नति और कृषि क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर अपने खेतों और आजीविका को सशक्त बनाएं।

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