रांची के ईडी कार्यालय जांच करने पहुंची झारखंड पुलिस
रांची: झारखंड में एक बार पुनः ईडी को लेकर विवाद छिड़ चुका है दरअसल गुरुवार को सुबह 6 बजे झारखंड पुलिस ने ईडी कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार पेयजल विभाग के अधिकारी के द्वारा ईडी के दो अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई जिसके बाद पुलिस प्रशासन ईडी कार्यालय कार्रवाई के लिए पहुंची।रांची में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के एक कैशियर संतोष कुमार ने ईडी के दो अधिकारियों के खिलाफ एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।संतोष कुमार ने अपनी शिकायत में ED के असिस्टेंट डायरेक्टर प्रतीक और असिस्टेंट शुभम पर मारपीट, जानलेवा हमला, गाली गलौज और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। ज्ञात हो कि संतोष कुमार स्वयं शहरी जलापूर्ति योजना की राशि में से 20 करोड़ रुपये से अधिक के गबन के आरोपी हैं। इस मामले में उन्हें पहले रांची पुलिस ने गिरफ्तार किया था। फिलहाल वे जमानत पर जेल से बाहर हैं। इस पूरे घोटाले की जांच ईडी द्वारा की जा रही है।रांची में ईडी से जुड़े विवादित मामले में जांच के क्रम में रांची पुलिस द्वारा गुरुवार को ईडी दफ्तर में दबिश दिया गया और साइंटिफिक एविडेंस जुटाने के लिए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को भी मौके पर बुलाया । मौके पर सिटी डीएसपी और सदर डीएसपी भी ईडी कार्यालय पहुंचे और सिटी डीएसपी रमन ने सिर्फ यही कहा कि वे कार्रवाई के लिए ईडी कार्यालय पहुंचे हैं। बता दे,12 जनवरी को दफ्तर में क्या-क्या हुआ, इसकी पूरी जानकारी जुटाने और घटना से जुड़े तमाम भौतिक व तकनीकी साक्ष्य संकलित करने के उद्देश्य से FSL टीम जांच में सहयोग कर रही है।
मारपीट के आरोपों की जांच
गौरतलब है कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अनुबंध कर्मी संतोष कुमार ने ईडी के सहायक निदेशक प्रतीक और सहायक अधिकारी शुभम पर मारपीट समेत अन्य गंभीर आरोप लगाए थे।क्लर्क संतोष की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, उन्हें 12 जनवरी को सुबह 10 बजे ईडी कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश मोबाइल फोन के माध्यम से दिया गया था। इसके बाद संतोष निर्धारित समय से पहले, सुबह करीब 9.45 बजे ईडी कार्यालय पहुंच गए।प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि दोपहर लगभग 1.35 बजे असिस्टेंट डायरेक्टर प्रतीक ने संतोष को अपने केबिन में बुलाया। उस समय केबिन में शुभम नामक अधिकारी पहले से मौजूद थे। पूछताछ के दौरान संतोष पर आरोप स्वीकार करने का दबाव बनाया गया।
आरोप है कि जब संतोष ने आरोप स्वीकार करने से इनकार किया, तो दोनों अधिकारियों ने कथित रूप से उनके साथ मारपीट की और गाली गलौज की। इस घटना के बाद संतोष ने संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई।
संतोष कुमार केद्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनसे 16 जनवरी को दोबारा ईडी कार्यालय में पेश होने के संबंध में जबरन लिखवाया गया।शिकायत के अनुसार, उन्हें रात करीब 10.45 बजे तक ED कार्यालय में रोके रखा गया, ताकि वे कथित घटना की जानकारी अपने परिवार, वकील, थाना या मीडिया को न दे सकें।प्राथमिकी में यह भी कहा गया है कि कार्यालय से छोड़े जाते समय उन्हें और उनके परिवार को जेल भेजने की धमकी दी गई। पीड़ित का आरोप है कि दबाव और भय के माहौल में उनसे जबरन दस्तावेजों पर लिखवाया गया।
इधर, एयरपोर्ट थाना पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संतोष कुमार ने आरोप लगाया है कि डंडे से उनपर पर हमला किया गया और जान से मारने की नीयत से लगातार मारते हुए कहा कि अगर मर भी जाओगे तो हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा।मारपीट के कारण उनका सिर फट गया आरोप है कि दोपहर करीब 2 बजे उन्हें सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया, जहां सिर में छह टांके लगे।



