झारखंड विधानसभा मानसून सत्र : 130वें संविधान संशोधन बिल और एसआईआर पर सत्ता पक्ष का हंगामा, शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की उठी मांग
रांची : झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ और पहले ही दिन सदन का माहौल गरमा गया। सत्ता पक्ष के मंत्री और विधायकों ने सदन के बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला। सत्ता पक्ष ने एक तरफ एसआईआर के मुद्दे पर भाजपा को घेरा, तो वहीं संसद में हाल ही में पारित 130वें संविधान संशोधन बिल को लेकर भी कड़ी आपत्ति जताई।शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग: सत्ता पक्ष ने प्रदर्शन के दौरान दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग को जोर-शोर से उठाया। सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना था कि शिबू सोरेन ने झारखंड की अस्मिता, पहचान और अलग राज्य की लड़ाई में आजीवन योगदान दिया है। ऐसे में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करना झारखंड की जनता के लिए गौरव की बात होगी।सिर्फ सत्ता पक्ष ही नहीं, बल्कि विपक्ष से भी कई आवाजें इस मांग के समर्थन में उठीं। भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने भी शिबू सोरेन को भारत रत्न दिए जाने का समर्थन किया, जिससे इस मुद्दे पर सदन में दुर्लभ सहमति देखने को मिली।
सरकारी स्कूलों में शामिल होगी गुरुजी की जीवनी:प्रदर्शन के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने यह भी कहा कि राज्य सरकार जल्द ही सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रम में शिबू सोरेन की जीवनी को शामिल करने की दिशा में कदम उठाएगी, ताकि आने वाली पीढ़ी उनके संघर्ष और योगदान से परिचित हो सके।भाजपा पर सत्ता पक्ष का हमला:सत्ता पक्ष से नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप, झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू, माले विधायक अरूप चटर्जी, राजद विधायक सुरेश पासवान और कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह ने भाजपा पर सीधा हमला बोला। इन नेताओं का आरोप था कि भाजपा राज्य को गुमराह करने और जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश कर रही है।भाजपा नेता ने उठाया फर्जी इनकाउंटर का मुद्दा:इसी बीच भाजपा नेता सूर्या हांसदा ने सत्ता पक्ष पर फर्जी मुठभेड़ (इनकाउंटर) का आरोप लगाते हुए जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग आदिवासियों और निर्दोष लोगों पर जुल्म ढा रहे हैं, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।सदन में बढ़ेगी गर्मी:मानसून सत्र की शुरुआत जिस अंदाज़ में हुई है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर और बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस, आरोप-प्रत्यारोप और हंगामा देखने को मिलेगा। एसआईआर और 130वें संविधान संशोधन बिल पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच खींचतान और तेज होने की संभावना है।



