गोपालपुर के जेडीयू विधायक के पुत्र आमरण अनशन पर बैठे

भागलपुर। बिहार में नीतीश सरकार के 20 वर्ष पूरे होने वाले हैं और राज्य चुनाव भी नजदीक है। इस राजनीतिक माहौल में अब सत्तारूढ़ दल जेडीयू के नेता का परिवार ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगा है। गोपालपुर से जेडीयू विधायक गोपाल मंडल के पुत्र और युवा नेता आशीष मंडल बुधवार को सबौर प्रखंड के मसाढ़ु गांव में मुआवज़े की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गए। उन्होंने अपने आंदोलन को ‘जितिया सत्याग्रह’ नाम दिया है, जो क्षेत्र के लोकप्रिय पर्व ‘जितिया’ से प्रेरित है।

आशीष मंडल का आरोप है कि वर्ष 2020 की विनाशकारी बाढ़ के दौरान मसाढ़ु क्षेत्र में गंगा नदी के भीषण कटाव से दो दर्जन से अधिक घर नदी में समा गए थे। सरकार ने पीड़ितों को मुआवज़ा देने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक प्रभावित परिवार राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

आशीष ने कहा, “घटना के बाद कई मंत्री और अधिकारी इलाके का दौरा करने आए, लेकिन किसी ने पीड़ितों की पीड़ा नहीं सुनी। हाल ही में जब मैं एक कार्यक्रम में शामिल होने यहां आया, तो ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं मेरे सामने रखीं। इसके बाद मैंने जिलाधिकारी से मिलकर मुआवज़ा देने की मांग की, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है और वे सरकार के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण सरकार की छवि खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी प्रभावित परिवारों को मुआवज़ा नहीं मिल जाता, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।

स्थानीय ग्रामीणों का आशीष मंडल को भरपूर समर्थन मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग अनशन स्थल पर एकत्र हैं और सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन आंदोलन को लेकर जिला प्रशासन में हलचल तेज हो गई है।

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