मुरहू प्रखंड के गोड़ा टोली में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत “आदि सेवा केंद्र” का शुभारंभ, “विलेज विज़न एक्शन प्लान” की रूपरेखा तैयार करने पर ग्रामीणों के साथ हुई चर्चा

गणादेश,खूँटी: मुरहू प्रखंड के गोड़ा टोली में आज आदि कर्मयोगी अभियान के तहत “आदि सेवा केंद्र” का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन परियोजना निदेशक आईटीडीए आलोक शिकारी कच्छप, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अन्य वरीय पदाधिकारीगण, पंचायत की मुखिया तथा स्थानीय ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से इसे जनकल्याणकारी प्रयास बताते हुए सरकार की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण जनता तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की सहज पहुँच सुनिश्चित होगी।

उल्लेखनीय है कि जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा–निर्देशों के आलोक में खूंटी जिले के अंतर्गत चल रहे “आदि कर्मयोगी अभियान” के तहत कुल 403 आदिवासी एवं आदिम जनजाति बहुल गांवों में “आदि सेवा केंद्र” स्थापित किए जा रहे हैं। इन केन्द्रों को ग्राम प्रभारी, आदि सहयोगी, आदि साथी तथा विभिन्न CSO/NGO/SHG के सदस्यों से जोड़ा गया है, ताकि स्थानीय स्तर पर इनकी कार्यप्रणाली सशक्त और प्रभावी हो सके।

स्थापित “आदि सेवा केंद्र” में समयबद्ध रोस्टर तैयार कर विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएंगी। ये केंद्र न केवल ग्रामीणों और विभागीय कर्मियोंके बीच सेतु का कार्य करेंगे, बल्कि सेवा वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने में भी अहम भूमिका निभाएँगे। साथ ही केंद्र पर शिकायत रजिस्टर संधारित किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों द्वारा दर्ज की गई समस्याओं एवं शिकायतों का त्वरित समाधान संबंधित विभागों के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सके।

इसके अतिरिक्त “विलेज विज़न एक्शन प्लान” की रूपरेखा तैयार करने हेतु ग्रामीणों के साथ विचार-विमर्श भी किया गया। इस संवाद प्रक्रिया के दौरान गांव की मूलभूत आवश्यकताओं की पहचान, विभिन्न समस्याओं के संभावित समाधान तथा आगामी पाँच वर्षों में क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस एवं व्यवहारिक योजनाओं का निर्माण करने पर विशेष बल दिया गया।

ग्रामीणों ने इस पहल को लेकर उत्साह व्यक्त किया और कहा कि अब उन्हें अपनी समस्याओं और योजनाओं से संबंधित जानकारी एवं समाधान के लिए बार-बार प्रखंड या जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। “आदि सेवा केंद्र” उनके लिए एक स्थानीय मंच के रूप में कार्य करेगा, जहाँ वे सीधे तौर पर प्रशासन से संवाद स्थापित कर पाएंगे।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन केंद्रों से जुड़ें और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहयोग करें।

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