गिरिडीह में सरकारी सहायता और सोशल मीडिया की होड़ ने मानवता को किया शर्मसार, वायरल वीडियो से मची सनसनी

प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष व उपायुक्त ने मृतका के दोनों बच्चों को सहायता का दिया भरोसा

रांची: झारखंड के अति उग्रवाद प्रभावित गिरिडीह जिले के देवरी थाना क्षेत्र अंतर्गत दुलोरी गांव से सामने आया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने समाज की मानवीय संवेदनाओं को गहराई से झकझोर दिया है। सरकारी सहायता प्राप्त करने और सोशल मीडिया पर अधिक व्यूज बटोरने की होड़ में एक मृत महिला के अंतिम संस्कार से जुड़ा अत्यंत संवेदनहीन दृश्य सार्वजनिक कर दिया गया, जो मानवीय मूल्यों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
जानकारी के अनुसार, दुलोरी गांव निवासी स्वर्गीय बिनोद दास की पत्नी पिंकी देवी का 10 जनवरी को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। पिंकी देवी अपने माता-पिता के साथ गिरिडीह जिले के दराईसरन गांव में रह रही थीं। निधन के पश्चात उनके भाई व परिजनों द्वारा अंतिम दर्शन के लिए शव को उनके ससुराल दुलोरी गांव लाया गया, जहां ग्रामीणों की सहभागिता से उनका अंतिम संस्कार किया गया।
हालांकि, अंतिम संस्कार से पूर्व घर के बाहर बांस से बनी चेचरी पर रखे शव को केवल दो व्यक्तियों द्वारा कंधा देते हुए दिखाया गया, जबकि चेचरी के चारों ओर रस्सी बांधकर एक बांस फंसाया गया था। वीडियो में शव के नीचे गिरने का दृश्य भी कैद है, जिसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। इस वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया। जब मामले की जांच शुरू हुई तो ग्रामीण इस विषय में कुछ भी कहने से बचते नजर आए।
इस बीच, कांग्रेस के दुलोरी प्रखंड अध्यक्ष मनोज कुमार राय एवं पंचायत अध्यक्ष बच्चू राय ने बताया कि गांव में लगभग 20 से 25 रविदास परिवार रहते हैं और पिंकी देवी के अंतिम संस्कार में 50 से 60 लोग उपस्थित थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो वास्तविक घटनाक्रम को गलत ढंग से प्रस्तुत करता है।
उन्होंने यह भी बताया कि पिंकी देवी के पति बिनोद दास का निधन लगभग दस वर्ष पूर्व हो चुका था और उनके दो नाबालिग बच्चे—11 और 13 वर्ष—अपने मामा के घर रह रहे थे। दोनों बच्चे मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं। कांग्रेस नेताओं ने आश्वासन दिया कि दोनों बच्चों को सरकार की ओर से मिलने वाली सभी सहायता दिलाई जाएगी।
वहीं, गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि जिला प्रशासन मृतका के दोनों बच्चों का पुनर्वास, इलाज एवं संरक्षण सुनिश्चित करेगा। साथ ही, वीडियो वायरल करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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