संकट की तैयारी की पहली किस्त जारी, ईरान वॉर के बीच बड़ा झटका, पेट्रोल ₹5 महंगा, डीजल ₹3 बड़ा
रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दुबे ने कहा देश में एक बार फिर आम जनता पर महंगाई का बड़ा बोझ पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और विशेष रूप से ईरान से जुड़े युद्ध जैसे हालात के बीच सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। पेट्रोल ₹5 प्रति लीटर और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा कर दिया गया है, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
इस फैसले के बाद जहां एक तरफ जनता पहले से ही महंगाई की मार झेल रही थी, वहीं अब रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च और बढ़ना तय है। परिवहन, खाद्य पदार्थों और अन्य आवश्यक सेवाओं की कीमतों में भी वृद्धि की संभावना है।
दुबे ने कहा कि देश संकट के दौर से गुजर रहा है, लेकिन सरकार ठोस कदम उठाने के बजाय केवल बयानबाजी में लगी हुई है। 56 इंच के छाती रखने वाले नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वे देश के अहम मुद्दों पर स्पष्ट और सख्त रुख अपनाने के बजाय इधर-उधर की बातें करते हैं, जिससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
भाजपा शासित राज्यों में कानून व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
हाल ही में गोवा से एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां पिछले 3 वर्षों में 30 से ज्यादा नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण का खुलासा हुआ है। इस घिनौने कांड में भाजपा पार्षद के बेटे सोहम नाइक की गिरफ्तारी ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गोवा में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और लोग डर के साए में जी रहे हैं। आरोप है कि सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में विफल रही है, जिससे अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
विदेश नीति को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाया। भारत के रूस और ईरान जैसे देशों से अच्छे संबंध होने के बावजूद सरकार अमेरिका की ओर झुकाव दिखा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की चाटुकारिता कर रहे हैं क्योंकि वह कॉम्प्रोमाइज है और ऐप्सटेन फाइल में उनका नाम है।
दुबे ने कहा ऐसे समय में देश को एक मजबूत नेतृत्व की जरूरत बताई जा रही है। लोग आयरन लेडी इंदिरा गांधी के दौर को याद कर रहे हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश को भी कड़ी चुनौती दी थी। वर्तमान नेतृत्व को इतिहास से सीख लेनी चाहिए और देशहित को सर्वोपरि रखना चाहिए।



