बिहपुर से भाजपा प्रत्याशी का भावुक पोस्ट बना चर्चा का केंद्र, राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
भागलपुर। जिले की बिहपुर विधानसभा सीट पर चुनावी सरगर्मी तेज है। इसी बीच भाजपा प्रत्याशी कुमार शैलेन्द्र का एक भावुक पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर खूब चर्चा बटोर रहा है। अपने राजनीतिक सफर की कसक और नाराज़गी को शब्दों में पिरोते हुए शैलेन्द्र ने पार्टी के भीतर चल रहे सियासी समीकरणों पर परोक्ष रूप से निशाना साधा है।
दिन-रात मेहनत की, पसीना बहाया…
शैलेन्द्र ने अपने पोस्ट में लिखा – दिन-रात मेहनत किया, पसीना बहाया और आपको मोदी जी का अंग बनाया। लेकिन आज उसी मोदी जी के कमल को बिहपुर से हराने के लिए रात के अंधेरे में आ रहे हैं। याद रखिएगा, जो खेल आप खेल रहे हैं, भगवान आपको माफ नहीं करेगी! यहां की जनता आपके झांसे में नहीं आने वाली है।
उनके इस पोस्ट के बाद सियासी हलकों में हलचल मच गई है। माना जा रहा है कि शैलेन्द्र ने भले ही किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन इशारा साफ़ तौर पर भागलपुर सांसद अजय मंडल की ओर है।
महागठबंधन की उम्मीदवार पर भी नजरें
जानकारी के मुताबिक, बिहपुर सीट से महागठबंधन के सहयोगी वीआईपी पार्टी की उम्मीदवार अर्पणा कुमारी, जो सांसद अजय मंडल की रिश्तेदार बताई जाती हैं, इस बार चुनावी मैदान में हैं। इस कारण राजनीतिक समीकरण बेहद दिलचस्प बन गए हैं।
स्थानीय विश्लेषकों का मानना है कि अर्पणा कुमारी की उम्मीदवारी ने भाजपा प्रत्याशी शैलेन्द्र के लिए मुकाबला और भी कठिन बना दिया है। वहीं, जन सुराज पार्टी से पवन चौधरी के मैदान में उतरने से शैलेन्द्र की मुश्किलें और बढ़ गई है।
अंदरूनी मतभेद या रणनीतिक नाराज़गी?
राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि शैलेन्द्र का यह पोस्ट केवल “भावनात्मक प्रतिक्रिया” नहीं, बल्कि संगठन के भीतर चल रही नाराज़गी का संकेत भी है। पार्टी कार्यकर्ताओं में भी इस पोस्ट को लेकर चर्चा गर्म है कि क्या विधायक “अंदरखाने की राजनीति” से आहत हैं?
एक भाजपा कार्यकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, शैलेन्द्र अंदरूनी राजनीति और बाहरी दबाव दोनों से वे परेशान दिख रहे हैं। स्थानीय मतदाताओं में शैलेन्द्र के इस पोस्ट को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे ईमानदार कार्यकर्ता की पीड़ा मान रहे हैं, तो कुछ इसे चुनावी रणनीति के तहत भावनात्मक अपील बता रहे हैं। एक युवा मतदाता ने कहा, अब जनता सब समझती है, सोशल मीडिया पर लिखने से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा, असली फैसला तो जनता देगी।
नतीजा जो भी हो, मुकाबला रोचक
बिहपुर विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। एक ओर भाजपा के शैलेन्द्र अपनी निष्ठा और संगठन पर भरोसे के साथ मैदान में हैं, तो दूसरी ओर महागठबंधन की अर्पणा कुमारी जात – जमात और समीकरणों के दम पर डटी हैं।
वहीं, जन सुराज के पवन चौधरी और अन्य प्रत्याशी भी इस समीकरण को जटिल बना रहे हैं। चुनाव का परिणाम चाहे जो भी हो, लेकिन शैलेन्द्र का यह भावुक पोस्ट बिहपुर की राजनीति में हलचल पैदा करने में सफल रहा है और अब सबकी निगाहें इस सीट पर टिक गई हैं।



