डीएम ने किया श्रावणी मेला क्षेत्र का किया निरीक्षण,सात दिनों में सभी कार्यों को पूरा करने का निर्देश
प्रदीप विद्रोही,भागलपुर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2025 की तैयारियों की समीक्षा हेतु जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने आज सुल्तानगंज स्थित मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उनके साथ नगर पुलिस अधीक्षक श्री शुभांक मिश्रा, उप विकास आयुक्त श्री प्रदीप कुमार सिंह समेत कई विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान स्थानीय विधायक ललित नारायण मंडल, नगर परिषद सुल्तानगंज के सभापति राजेश कुमार गुड्डू तथा उपसभापति श्रीमती नीलम देवी भी मौजूद रहीं।
नमामि गंगे घाट पर निरीक्षण के दौरान विधायक के सुझाव पर घाट की सीढ़ियों के नीचे पत्थरों को मिट्टी एवं बालू बैग से ढकने का निर्देश दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं को चोट से बचाया जा सके। साथ ही, विगत वर्षों की भांति नदी में जाली युक्त बैरिकेडिंग तथा जल स्तर के अनुसार उसके समायोजन के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने नगर परिषद को निर्देशित किया कि नालियों को ढककर सड़क पर दोनों ओर तीन फीट चौड़ी पीली पट्टी बनाई जाए। पंडा चौकी के लिए रजिस्ट्रेशन, पंडों की संख्या निर्धारण तथा चौकियों की पेंटिंग पंडों द्वारा कराए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
दुकानों में पूजा सामग्री, कांवड़ सामग्री, खाद्य वस्तुएं आदि के लिए दर सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। होटल संचालकों को प्रयोग में लाई जाने वाली सामग्री के ब्रांड की सूची भी सार्वजनिक करनी होगी ताकि श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध हो सके।
पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को सभी चापाकलों की जांच, आवश्यकतानुसार राइजर पाइप लगवाने, और 26 जून तक सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बोरिंग की जा रही छह स्थानों पर कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।
कांवड़ियों के मार्ग में दुकानें सड़क छोड़कर लगाई जाएंगी। दुकानदारों के लिए नियमों का एक चार्ट मेला शुरू होने से पहले वितरित किया जाएगा। वाहन पार्किंग के लिए निजी पार्किंग संचालकों को नगर परिषद से अनुमति लेने के निर्देश दिए गए हैं।
नमामि घाट एवं सीढ़ी घाट पर एक-एक एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। बैरियर स्थलों का निरीक्षण करने हेतु यातायात डीएसपी को निर्देशित किया गया है।
जिलाधिकारी ने अजगैबीनाथ मंदिर परिसर का निरीक्षण कर वहां बन रहे रिवर फ्रंट की समीक्षा की और कृष्णा घाट से रिवर फ्रंट तक सड़क निर्माण का प्रस्ताव भी दिया। महंत द्वारा बोरिंग की मांग पर विचार किया गया। निरीक्षण में सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने सभी कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ सात दिनों में पूरा करने के निर्देश दिए।



