हाथियों के झुंड से कुचलकर तीन लोगों की मौत पर उपायुक्त ने जताया गहरा शोक
बोकारो -गोमिया प्रखंड अंतर्गत बड़की पुन्नू क्षेत्र में गुरुवार को हाथियों के झुंड द्वारा कुचलकर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मृत्यु की हृदय विदारक घटना ने पूरे जिले को गहरे शोक में डुबो दिया है। इस अत्यंत दुखद और पीड़ादायक घटना पर उपायुक्त अजय नाथ झा ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह क्षति अपूरणीय है और शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। उपायुक्त ने शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहन सहानुभूति प्रकट करते हुए कहा कि जिला प्रशासन इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार देय मुआवजा, पारिवारिक लाभ तथा अन्य सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि दुख की इस घड़ी में परिवार को आर्थिक एवं मानसिक संबल प्रदान किया जाए, ताकि वे इस गहरे आघात से उबर सकें।घटना की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने गोपनीय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला वन पदाधिकारी के साथ बैठक कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। बैठक के दौरान हाथियों के पारंपरिक विचरण मार्ग, हालिया गतिविधियों तथा मानव हाथी संघर्ष के कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए ठोस एवं व्यवहारिक रणनीति अपनानी होगी।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि हाथी विचरण से प्रभावित पंचायत क्षेत्रों बड़की पुन्नू, गोपो, कंडेर, ललपनिया, रहावन आदि में सोलर लाइट अधिष्ठापन हेतु स्थल चिन्हित कर सर्वे कराया जाए तथा शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर जिला को समर्पित करें। इससे रात्रि के समय ग्रामीणों की आवाजाही सुरक्षित होगी और हाथियों की गतिविधियों की समय रहते पहचान संभव हो सकेगी।इसके अतिरिक्त वन विभाग को हाथी बचाव दल गठित करने, आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा ग्रामीणों को सतर्क करने की प्रभावी प्रणाली विकसित करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने विशेष रूप से पतझड़ के मौसम में अनाज के सुरक्षित भंडारण को कहा, ताकि हाथियों को गांवों की ओर आकर्षित होने से रोका जा सके। साथ ही, जंगल क्षेत्र में हाथियों के लिए सुलभ एवं प्राकृतिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।गोपनीय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि मानव-हाथी संघर्ष केवल एक विभाग की नहीं, बल्कि समन्वित प्रयास की चुनौती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं वन विभाग आपसी तालमेल के साथ मानवीय, संवेदनशील एवं दीर्घकालिक समाधान की दिशा में कार्य करेंगे, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह की दर्दनाक त्रासदी का सामना नहीं करना पड़े।



