CBI जांच के नाम पर शिक्षा माफियाओं को बचाने की कोशिश : दीपिका पांडेय सिंह

रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शिक्षा माफियाओं को बचाने के लिए CBI जांच का सहारा लेना चाहती है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में CBI जांच का परिणाम सामने आने में लंबा समय लगा है और दोषसिद्धि का रिकॉर्ड भी बेहद कमजोर रहा है।
दीपिका पांडेय सिंह ने दावा किया कि 2015 से अब तक देश में 152 पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कम से कम 17 परीक्षा गड़बड़ी के मामलों की जांच CBI को सौंपी गई, लेकिन 2015 के बाद CBI जांच वाले मामलों में दोषसिद्धि का आंकड़ा बेहद कम है। उन्होंने NEET-UG 2024, UGC-NET 2024, SSC CGL 2017, JEE Main 2021, WB SSC 2016, HP Police Constable 2022, Army CEE 2017 और Karnataka PSI 2021 समेत कई मामलों का उल्लेख किया।
मंत्री ने NEET-UG और UGC-NET मामलों में CBI की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई मामलों में जांच की गति और परिणाम को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि जुलाई 2026 में फास्ट-ट्रैक कोर्ट को लेकर प्रचार के बावजूद पहले ही दिन CBI के वकील के अदालत में उपस्थित नहीं होने की बात सामने आई।
उन्होंने कहा कि 2015 के बाद परीक्षा गड़बड़ी से जुड़े मामलों में एकमात्र दोषसिद्धि हरियाणा न्यायिक सेवा 2017 मामले में हुई, जिसकी जांच CBI के बजाय चंडीगढ़ SIT ने की थी। दीपिका पांडेय सिंह ने झारखंड में परीक्षा गड़बड़ी के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक करीब 20 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। उन्होंने भाजपा पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी को लेकर भाजपा की बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि जो लोग पहले राहुल गांधी के नाम को लेकर सवाल उठाते थे, अब उनके सपनों में भी राहुल गांधी नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के खिलाफ चलाया जा रहा राजनीतिक अभियान कमजोर पड़ चुका है।
मंत्री ने रांची और दिल्ली के जंतर-मंतर के छात्र आंदोलनों की तुलना करते हुए कहा कि रांची में छात्रों पर जंतर-मंतर जैसी बर्बर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की, लेकिन सरकार संवाद के माध्यम से छात्रों की समस्याओं का समाधान चाहती है। वार्ता के दौरान भी सरकार आंदोलनरत छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
पत्रकार वार्ता में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की समेत प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी और कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

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