सत्तारूढ़ विधायकों की बैठक में एसआईआर पर बनी रणनीति,विधानसभा सदन में विरोध करने का लिया फैसला
रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार शाम रांची स्थित एटीआई भवन में सत्तारूढ़ दल के विधायकों की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में आगामी विधानसभा मानसून सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने, विपक्ष के सवालों का प्रभावी ढंग से जवाब देने और सरकार की नीतियों को मजबूती से प्रस्तुत करने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।बैठक में मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि वे सत्र के दौरान इसआईआर के विरोध पर पूरी एकजुटता के साथ सरकार के पक्ष को मजबूती दें। इसके साथ एसटी, एससी,ओबीसी आरक्षण का दायरा बढ़ाने सहित कई मुद्दे को सदन में उठाने पर चर्चा हुई है।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों और आरोपों का तथ्यों और आंकड़ों के साथ जवाब दिया जाए, ताकि जनता के बीच सरकार की छवि सशक्त बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को भी सत्र में प्रभावी तरीके से उठाना चाहिए, ताकि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।बैठक में विधायकों को यह भी सलाह दी गई कि वे सदन की गरिमा बनाए रखते हुए विपक्षी दलों के आरोपों का शांत और तार्किक उत्तर दें। साथ ही, सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और भविष्य की प्राथमिकताओं को सदन के माध्यम से जनता तक पहुँचाने पर जोर दिया गया।
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव,संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में एसआईआर पर विरोध करने की बात कही।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में राज्य के विभिन्न विकास कार्यों, बजट प्रावधानों, सामाजिक कल्याण योजनाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्र के दौरान सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों और कार्यक्रमों को प्रमुखता से रखा जाए, ताकि जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाए।बैठक में सीएम हेमंत सोरेन,मंत्री राधाकृष्ण किशोर,कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की,मंत्री दीपिका सिंह पांडेय,स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी,राजद विधायक दल के नेता सुरेश पासवान,संजय सिंह यादव,मंत्री संजय प्रसाद यादव सहित
मंत्रिमंडल के सदस्य, गठबंधन दलों के विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



