बिहार चुनाव: झामुमो महासचिव का तीखा तंज— “यह जनादेश नहीं, बल्कि ज्ञानादेश है; भाजपा के ‘एबीसी’ ने काम किया

रांची: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिले प्रचंड बहुमत पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी के केन्द्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने शुक्रवार को रांची में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार का चुनाव परिणाम लोकतांत्रिक जनादेश कम और “ज्ञानादेश” अधिक प्रतीत होता है।
भट्टाचार्य ने कहा कि झामुमो ने पहले ही आशंका जताई थी कि बिहार चुनाव में भाजपा का “एबीसी”—ईडी, सीबीआई और चुनाव आयोग—अपना प्रभाव दिखा सकता है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि चुनाव परिणाम ऐसे दिख रहे हैं जैसे सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की मेरिट लिस्ट, जहां कठिन विषयों में भी परीक्षार्थियों को सौ में सौ अंक मिल जाते हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि “हमने कभी नहीं देखा कि कोई दल 101 सीटों पर चुनाव लड़े और लगभग 95-96 सीटें जीत जाए। यह परिणाम लोकतंत्र की आत्मा को चोट पहुँचाने वाला है और इसे आसानी से पचाया नहीं जा सकता।”
भट्टाचार्य ने यह भी दावा किया कि यदि झामुमो को विपक्षी गठबंधन में शामिल किया जाता तो चुनावी नतीजे पूरी तरह अलग हो सकते थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, राजद और वाम दल आदिवासी, दलित और शोषित समाज के वास्तविक मुद्दों की गहराई को समझने में असफल रहे, जिसका सीधा असर परिणामों पर पड़ा।
महिला वोटरों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि लगभग 1.41 करोड़ महिलाओं को लाभ देने वाली योजना का हवाला देकर तीन करोड़ से अधिक महिला समर्थन दिखाना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा, “यह आंकड़ा वास्तविकता से दूर है और इसी वजह से हम कह रहे हैं—यह जनादेश नहीं, यह ज्ञानादेश है।

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