भागलपुर: जहां वर्ग-कक्ष नहीं, वहां दो पालियों में चलेगा पढ़ाई का समय, विद्यालयों में नई व्यवस्था

प्रदीप विद्रोही,भागलपुर। बिहार शिक्षा परियोजना, भागलपुर द्वारा जारी कार्यालय आदेश के आधार पर जिले के उन विद्यालयों में दो पालियों में कक्षा संचालन का निर्देश दिया गया है, जहां विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त वर्ग-कक्ष उपलब्ध नहीं हैं। मौजूदा निर्देश में जिले के चार विद्यालयों को पत्र जारी किया गया है। बताया जाता है कि क्लासरूम के अभाव में पूर्व से ही करीब आधा दर्जन स्कूलों में यह व्यवस्था लागू है। सबौर प्रखंड में भी लगभग आधा दर्जन स्कूलों की स्थिति कुछ इसी प्रकार की है। कहलगांव स्थित मवि खुटहरी के नौ कमरों में ही उमावि ओगरी के छात्रों की भी पढ़ाई होती है। दोनों विद्यालयों में कुल करीब सात सौ छात्र हैं।

जिले के कई स्कूलों में हालात इतने खराब हैं कि बच्चों को टूटे-फूटे, सीलन भरे और आधे-अधूरे कमरों में पढ़ाई करनी पड़ रही है। कहीं छात्रों की संख्या ज्यादा है और कमरे कम, तो कहीं मौजूद कमरे भी जर्जर हालत में हैं, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है।

इसी स्थिति को देखते हुए डीपीओ (एसएसए) बबीता कुमारी ने हाल ही में सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को त्वरित कदम उठाने का निर्देश दिया है। आदेश के अनुसार हर प्रखंड को 48 घंटे के अंदर अपने क्षेत्र के स्कूलों में जर्जर, जीर्ण-शीर्ण तथा अतिरिक्त निर्माण की आवश्यकता वाले कमरों की ताज़ा सूची तैयार कर जिला शिक्षा कार्यालय भेजनी होगी। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय पर रिपोर्ट न भेजने पर कार्रवाई तय है।

प्राप्त निर्देश के अनुसार अब कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई प्रथम पाली में सुबह 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तथा कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई द्वितीय पाली में दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक संचालित की जाएगी।

इस व्यवस्था से समानांतर रूप से पढ़ाई सुनिश्चित होगी और कक्षों की कमी के बावजूद शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होगा। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को तत्काल प्रभाव से आदेश का पालन करने का निर्देश दिया है।

दो पालियों में संचालित होने वाले विद्यालयों की सूची इस प्रकार है – उमा विद्यालय ओगरी, कहलगांव, उमा विद्यालय बाखरपुर पूर्वी, पीरपैती, उमा विद्यालय तिनटंगा दियारा, रंगरा चौक, उमा विद्यालय मसदी, सुल्तानगंज।

अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई सुचारु रूप से जारी रह सकेगी और भीड़भाड़ की समस्या में भी कमी आएगी।

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