मानरेगा पर कांग्रेस के आंदोलन पर बोले बाबूलाल मरांडी,कहा-कांग्रेस पार्टी बताए विकसित भारत और भगवान राम से नफरत क्यों
रांची : झारखंड कांग्रेस के द्वारा मनरेगा बचाने के लिए आंदोलन करने पर पूर्व सीएम बाबाउलल मरांडी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है।बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हर गरीब को रोजगार मिले,उसकी गरिमा का सम्मान हो।गरीब ,जनजाति और पिछड़ा को रोजगार मिले इसके लिए जी राम जी योजना को लाया गया है।लेकिन कांग्रेस को ये सब पसंद नहीं। नई योजना में हर ग्रामीण परिवार को हर साल अब 100 दिन की जगह 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी ।साथ ही काम नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान है लेकिन कांग्रेस को गरीबों की भलाई वाली योजना पसंद नहीं है।कांग्रेस को लूट भ्रष्टाचार की आदत लगी हुई है,इसलिए वैसी योजनाएं जिसमें लूट और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है कांग्रेस को पसंद है। जिस मनरेगा की बात कांग्रेस पार्टी कर रही है उस के सर्वाधिक खर्च मोदी सरकार ने किया है। मनरेगा पर अबतक देश में 11.74 लाख करोड़ खर्च हुए हैं जिसमें मोदी सरकार ने 8.53 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं।जिस योजना के नाम बदलने का हंगामा कांग्रेस पार्टी कर रही है उसका पहले नाम महात्मा गांधी के नाम पर नहीं था।1980 में इंदिरा गांधी ने सभी पुरानी रोजगार योजनाओं को मिला कर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम योजना का नाम दिया।बाद में राजीव गांधी जी ने उसका नाम जवाहर रोजगार योजना कर दिया।मनमोहन सिंह की सरकार ने इसे 2004 में नरेगा और 2005 में मनरेगा कर दिया। इसी तरह ग्रामीण आवास योजना को कांग्रेस ने इंदिरा आवास योजना किया। ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का नाम राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना किया। झारखंड में तो कांग्रेस समर्थित सरकार ने झारखंड निर्माता अटल जी के नाम पर चल रही अटल क्लीनिक का नाम मदर टेरेसा के नाम पर कर दिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सरकार नेहरू गांधी परिवार के नाम पर जबरन योजनाओं के नाम करने में विश्वास करती है लेकिन मोदी सरकार का नाम नहीं बोलता,काम बोलता है।कांग्रेस पार्टी बताए क्या योजना का नाम बदलकर कांग्रेस ने जवाहर लाल नेहरू का अपमान किया था क्या?
मोदी सरकार का लक्ष्य विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने केलिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करनी है 2005 में मनरेगा शुरू हुई लेकिन अब ग्रामीण भारत बदल गया है।


