दिवाली में घर के साथ साथ मन की सफाई भी जरूरी: बबीता दीदी
सुपौल: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सिमराही बाजार के ओम शांति सैंटर पर दीपावली के उपलक्ष्य में भव्य आध्यात्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बबीता दीदी, प्रधानाचार्य दिवाकर कुमार, अवध मेहता, राजेश जायसवाल, सौरभ कुमार, ब्रह्माकुमारी पूजा बहन, सुमन बहन, बिना बहन इत्यादियों ने मां लक्ष्मी जी की चैतन्य झांकी की पूजा अर्चना व दीप प्रज्ज्वलन करके किया। दीपावली के पवित्र दिन पर वरिष्ठ पत्रकार प्रेम कुमार जी के सुपुत्री दीपिका कुमारी की 13वीं जन्म दिवस 40 बच्चों को कापी पेन वितरण करके के मनाया गया।
स्थानीय सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बबीता दीदी ने दीपावली को आत्मा की ज्योति जलाने का पर्व बताया।दीदी जी कहीं दीपावली त्यौहार में हम सब जिस प्रकार घर की सफाई का ध्यान रखते हैं, उसी प्रकार अंतर्मन की सफाई भी जरूरी है। बाहर के अंधकार को तो मिट्टी के दीपक जलाकर दूर कर सकते हैं। किंतु अंतर्मन में छाए हुए अंधकार को दूर करने के लिए शुभ संकल्पों की दीप जलाने होंगे।उन्होंने आगे कहा कि आत्मा ही सच्चा दीपक है विकारों के वशीभूत हो जाने के कारण आत्मा का प्रकाश आज मलिन हो गया है। लोगों का अंतर्मन में काम,क्रोध ,लोभ ,मोह ,अहंकार, आदि विकारों के अधीन हो गए हैं। ऐसे विकारी मनुष्यों के बीच से लक्ष्मी का शुभागमन भला कैसे हो सकता है ।यह कैसी विडंबना है, कि मन मंदिर की सफाई करने की वजह बाहर की सफाई से ही हम खुश हो जाते हैं। इस समय परमपिता परमात्मा जो कि जन्म- मरण के चक्र में न आने के कारण सदा ही जागती ज्योति है ,हम मनुष्य आत्माओं की ज्ञान और योग से ज्योति जगा कर पावन बना रहे हैं। दीपावली का त्यौहार परमात्मा के इन्हीं कर्मों का यादगार है ।
राजयोगीनी बबीता दीदी ने अपने उदबोधन में कहीं दीपावली अर्थात जब आत्मा की ज्योत जग जाती है। दीपावली एक दूसरे को दुआएं देने का, पुराने बातें, पुराने खाते जो एक दूसरे के साथ अटके किए थे। उन्हें समाप्त करके नए साल की, नए युग की शुरुआत का समय है। दीपावली आने के कई दिन पहले से ही हम सब घर सफाई शुरू कर देते हैं ।इसके साथ ही हमें मन की सफाई पर भी जोड़ देनी चाहिए।उन्होंने कहा दीपावली सिर्फ बाहर मनाने का त्यौहार नहीं बल्कि अपने मन के अंदर मनाने का त्यौहार है। वो उनका संस्कार है।
मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य दिवाकर कुमार ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान समाज में नैतिक मूल्यों को जागृत कर रहा है । समाज में एकता व संस्कारों के बारे में बताया कार्यक्रम में बच्चों ने सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जो आकर्षण का केंद्र रहीं। कार्यक्रम का समापन सभी को प्रसाद बितरण के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रधानाचार्य दिवाकर कुमार ,अवध मेहता, राजेश जायसवाल, शिक्षक सौरभ कुमार ब्रह्माकुमारी सुमन बहन ,पूजा बहन ,बिना बहन, सावित्री देवी शकुंतला देवी ,पत्रकार प्रेम कुमार, सतनारायण ठाकुर आदि उपस्थित रहे।



