भागलपुर में सीएम नीतीश कुमार का आगमन: राजनीतिक उत्साह और निजी भावनाओं का संगम
भागलपुर। शनिवार का दिन शहर के लिए खास बन गया, जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनडीए की प्रचंड जीत के बाद पहली बार भागलपुर पहुंचे। उनका यह दौरा भले ही निजी उद्देश्य से था। वे अपने करीबी मित्र डॉ. उदय कांत मिश्रा की माता के श्राद्ध कर्म में शामिल होने आए लेकिन इसके बावजूद हवाई अड्डा परिसर से लेकर कार्यक्रम स्थल तक जनसमूह और राजनीतिक उत्साह का माहौल बना रहा।
हवाई अड्डा परिसर में उत्साह का सैलाब
सुबह से ही समर्थक, जदयू, भाजपा के पदाधिकारी और युवा कार्यकर्ता एयरपोर्ट पर जुटने लगे थे। नेतृत्व में थे राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा, जिला और प्रदेश स्तर के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और नारेबाजी के साथ उनका स्वागत किया गया। पूरा वातावरण ‘नीतीश कुमार ज़िंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा, मानो चुनावी जीत का जश्न एक बार फिर जीवंत हो उठा हो।
नेताओं ने गिनाए सुशासन के उपलब्धियों के आयाम
राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सुशासन मॉडल, विकास कार्यों और पारदर्शी प्रशासन ने ही बिहार की जनता को यह भरोसा दिया कि उन्हें फिर से भारी बहुमत के साथ सत्ता में लाया जाए। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, बिजली, महिला सशक्तिकरण और कानून-व्यवस्था में हुए सुधारों को जनता के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की वजह बताया। स्वागत में मौके पर विधायक शुभानंद मुकेश, विधायक ललित नारायण मंडल,मुरारी पासवान, रोहित पांडे सहित बड़ी संख्या में एनडीए नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।
निजी कार्यक्रम में शिरकत, परिवार से मिलकर जताई संवेदना
राजनीतिक हलचल और जोरदार स्वागत के बीच मुख्यमंत्री ने अपने दौरे का मुख्य उद्देश्य भी पूरा किया। वे डॉ. उदय कांत मिश्रा के घर पहुंचे और उनकी माता के श्राद्ध कर्म में शामिल हुए। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान पूरा माहौल शांत और भावपूर्ण रहा।



