अखिल भारत हिन्दू महासभा ने उत्साह के साथ मनाई वीर सावरकर की जयंती
रांची: अखिल भारत हिन्दू महासभा ने भारतीय इतिहास के महान स्वतंत्रता सेनानी एवं हिन्दू महासभा के संस्थापक वीर सावरकर की जयंती बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष अनिल पांडेय के नेतृत्व में प्रदेश कार्यालय में धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई। इस महत्वपूर्ण अवसर पर उनके जीवन, विरासत और देश के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत हिन्दू महासभा के सभी पदाधिकारियों ने वीर सावरकर के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस दौरान उनके जीवन और योगदान पर कई प्रमुख व्यक्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष अनिल पांडेय ने कहा, “वीर सावरकर एक सच्चे देशभक्त थे जिन्होंने अपना जीवन भारत के स्वतंत्रता संग्राम के लिए समर्पित कर दिया। उनकी जयंती हमारे लिए उनके आदर्शों और योगदान को याद करने का अवसर है।” उन्होंने आगे कहा कि वीर सावरकर का साहस, दृढ़ संकल्प और दूरदर्शिता पूरे देश में लोगों को प्रेरित करती है। वीर सावरकर को भारतीय इतिहास में स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और हिंदू राष्ट्रवाद की वकालत के लिए जाना जाता है। कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष जयन्त झा ने अपने संबोधन में कहा कि 28 मई, 1883 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के भगूर गाँव में जन्मे वीर सावरकर जी ने देश के इतिहास को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी जयंती हर साल 28 मई को मनाई जाती है, और उनके जीवन और विरासत को याद करने के लिए देश भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। वीर सावरकर अखिल भारत हिन्दू महासभा से जुड़े थे और इसकी विचारधारा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने यह भी कहा कि “वीर सावरकर की जयंती हमें राष्ट्र के लिए उनके महत्वपूर्ण योगदान की याद दिलाती है। उन्होंने सनातन धर्म और सामाजिक सुधार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।” उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि वीर सावरकर जी की विरासत भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक मार्गदर्शक प्रकाश के रूप में काम करती है और स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक सुधार में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। इस मौके पर मुख्य रूप से अनिल पांडेय, जयन्त झा, अनूप गुप्ता, वैध मनोज झा, मृत्युंजय झा, अशोक पांडेय, यशवंत वर्णवाल, राजेश कुमार शाही, मदन मोहन दुबे, सुधीर कुमार, छवि झा, उदय कुमार,बॉबी शर्मा, रमेश भारती, भानु कच्छप, इशांक झा, आदि मौजूद थे.



