चाईबासा में नक्सलवाद पर बड़ा प्रहार, 10 माओवादी मुख्यधारा में लौटे
गणादेश,रांची: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से नक्सल मोर्चे पर एक बड़ी खबर सामने आई है। चाईबासा में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है, जहां भाकपा (माओवादी) संगठन के 10 हार्डकोर नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ आत्मसमर्पण कर दिया।
आत्मसमर्पण करने वालों में 6 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल हैं, जो लंबे समय से कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में सक्रिय थे। ये सभी विभिन्न उग्रवादी गतिविधियों में लिप्त थे और हत्या, मुठभेड़, विस्फोटक गतिविधियां, यूएपीए और सीएलए जैसे गंभीर मामलों में वांछित थे।
डीजीपी की मौजूदगी में आत्मसमर्पण
आत्मसमर्पण का कार्यक्रम चाईबासा पुलिस लाइन में आयोजित हुआ। इस मौके पर पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता, सीआरपीएफ और झारखंड जगुआर के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में कुख्यात नक्सली रांदो बोइपाई उर्फ कांति बोइपाई भी शामिल है।
नक्सलियों पर अब तक की कार्रवाई
राज्य पुलिस की जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 से अब तक जिले में 9631 अभियान चलाए जा चुके हैं। इन अभियानों में 175 नक्सली गिरफ्तार हुए, जबकि 10 मुठभेड़ में मारे गए।
डीजीपी का संदेश
डीजीपी अनुराग गुप्ता ने इसे नक्सलवाद के खिलाफ बड़ा प्रहार बताते हुए कहा कि जो लोग अब भी जंगलों में भटके हुए हैं, वे हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटें। सरकार और पुलिस उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का मौका देने के लिए तैयार है।



