अबुआ आवास योजना” अंतर्गत लाभुकों का गृह प्रवेश एवं “आम उत्सव का आयोजन
खूंटी : जिले के सभी प्रखंड कार्यालयों में दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया — अबुआ आवास योजना अंतर्गत लाभुकों का गृह प्रवेश समारोह तथा “आम उत्सव-सह-बागवानी मेला 2025” का आयोजन किया गया।
झारखंड सरकार की महत्वकांक्षी “अबुआ आवास योजना” के तहत 1529 लाभुकों का गृह प्रवेश सम्पन्न*
खूँटी जिले के सभी प्रखंडों — अड़की, कर्रा, खूँटी, मुरहू, रनियां एवं तोरपा — में एक दिवसीय प्रखंड स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी “अबुआ आवास योजना” अंतर्गत पूर्ण हुए आवासों में लाभुकों का गृह प्रवेश संपन्न कराया गया। इस क्रम में अड़की से 187, कर्रा से 417, खूँटी से 268, मुरहू से 259, रनियां से 120 एवं तोरपा से 278 लाभुकों को लाभ मिला। कुल 1529 लाभुकों ने अपने नए घर में प्रवेश किया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, जिला परिषद सदस्यों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही। लाभुकों के चेहरों पर नए घर की खुशी स्पष्ट रूप से झलक रही थी।
कर्रा प्रखंड कार्यालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय विधायक खूँटी, श्री राम सूर्या मुण्डा ने किया। उन्होंने लाभुकों को घर की चाभी और पूजन सामग्री भेंट कर गृह प्रवेश की शुभकामनाएं दीं। साथ ही, प्रखंड परिसर में भगवान बिरसा मुंडा की भव्य प्रतिमा का अनावरण भी किया गया।
बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत आम बागवानी को प्रोत्साहित करने, किसानों में जागरूकता बढ़ाने और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार दिलाने के उद्देश्य से “आम उत्सव-सह-बागवानी मेला 2025” का आयोजन जिले के सभी प्रखंडों में किया गया।
प्रखंड कार्यालय में आयोजित इस मेले में विभिन्न प्रजातियों के आम जैसे — आम्रपाली, लंगड़ा, हिमसागर, फज़ली, दशहरी, मियां जाकी इत्यादि का आकर्षक प्रदर्शन किया गया। किसानों ने अपनी उपज का प्रदर्शन करते हुए तकनीकी जानकारी साझा की और नवाचार पर संवाद किया।
कार्यक्रम में माननीय विधायक राम सूर्या मुण्डा, विधायक तोरपा सुदीप गुड़िया, उप विकास आयुक्त, परियोजना निदेशक ITDA, अनुमंडल पदाधिकारी, मनरेगा परियोजना पदाधिकारी सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं किसानों से संवाद कर उनकी समस्याओं और उपलब्धियों को जाना।
जिला प्रशासन ने इस अवसर पर आश्वस्त किया कि किसानों को तकनीकी जानकारी, विपणन सुविधा एवं आवश्यक सहयोग लगातार उपलब्ध कराया जाएगा। भविष्य में भी इस प्रकार के मेलों के नियमित आयोजन की योजना है, जिससे खूंटी के आम और अन्य बागवानी उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान मिल सके।



