प्रिया मुंडा का दावा: सात वर्षों के प्रयासों के बाद दारा सिंह की रिहाई का रास्ता साफ, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का किया स्वागत

खूंटी : सामाजिक कार्यकर्ता एवं बिरसा वाहिनी की निदेशक प्रिया मुंडा ने दावा किया है कि उनके सात वर्षों के प्रयासों के बाद बजरंग दल से जुड़े रहे रविंद्रपाल सिंह उर्फ दारा सिंह की रिहाई का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने दारा सिंह की रिहाई का आदेश दिया है और उन्हें 15 अगस्त को जेल से रिहा किए जाने की बात कही है।


प्रिया मुंडा ने बताया कि वर्ष 1999 में ओडिशा के मयूरभंज जिले के मनोहरपुर में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो पुत्रों की हत्या के मामले में दारा सिंह को गिरफ्तार किया गया था। उनका आरोप है कि दारा सिंह को इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया और वह घटना के समय स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे थे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 से वह इस मामले में सक्रिय रूप से जुड़ीं और कानूनी लड़ाई लड़ते हुए दारा सिंह के परिवार की आर्थिक सहायता, इलाज और अन्य जरूरतों का भी ध्यान रखा। उनका दावा है कि इस दौरान उन्हें विरोध, कानूनी मामलों और जान से मारने की धमकियों का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके नाम से फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई।
प्रिया मुंडा ने यह भी कहा कि दारा सिंह से वह हर रक्षाबंधन और अन्य पर्व-त्योहारों पर जेल में मिलने जाती थीं, जबकि उनके अनुसार 26 वर्षों में बजरंग दल का कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं पहुंचा। उन्होंने दावा किया कि महेंद्र हेंब्रम की रिहाई में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने ग्राहम स्टेन्स हत्याकांड और उससे जुड़े कई पहलुओं पर भी अपने व्यक्तिगत आरोप और दावे रखे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में अदालत के आधिकारिक निर्णय तथा उपलब्ध न्यायिक अभिलेख ही प्रमाणिक स्रोत माने जाएंगे।

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