2 अक्टूबर शुक्रवार का राशिफल एवं पंचांग,पढ़िए आज आपके भाग्य में क्या है…..

मेष राशि : चू, चे, चो, ल, ली, लू, ले, लो,अ।आज आप ख़ुद को सुकून में और ज़िंदगी का लुत्फ़ उठाने के लिए सही मनोदशा में पाएंगे। आज का दिन ऐसी चीज़ों को ख़रीदने के लिए बढ़िया है, जिनकी क़ीमत आगे चलकर बढ़ सकती है। अपने परिवार की भलाई के लिए मेहनत करें। आपके कामों के पीछे प्यार और दूरदृष्टि की भावना होनी चाहिए, न कि लालच का ज़हर। आपके प्यार को न सुनना पड़ सकता है। आप जीतोड़ मेहनत और धीरज के बल पर अपने उद्देश्य हासिल कर सकते हैं। इस राशि के लोगों को आज अपने आप को समझने की जरुरत है। यदि आपको लगता है कि आप दुनिया की भीड़ में कहीं खो गये हैं तो अपने लिए वक्त निकालें और अपने व्यक्तित्व का आकलन करें। अपने जीवनसाथी को सरप्राइज़ देते रहें, नहीं तो वह ख़ुद को आपके जीवन में महत्वहीन समझ सकता है।*
उपाय :- जमादार को कुछ पैसे देने से प्रेम सम्बन्ध बेहतर होंगे।
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वृषभ राशि : इ, उ, ए, ओ, ब, बी ,बू, बे ,बो।आपका दानशीलता का व्यवहार आपके लिए छुपे हुए आशीर्वाद की तरह सिद्ध होगा, क्योंकि यह आपको शक, अनास्था, लालच और आसक्ति जैसी ख़राबियों से बचाएगा। रुका हुआ धन मिलेगा और आर्थिक हालात में सुधार आएगा। पुराने दोस्त मददगार और सहयोगी साबित होंगे। आपका प्रिय आज कुछ खीझा हुआ महसूस कर सकता है, जो आपके दिमाग़ पर दबाव और बढ़ा देगा। नौकरी पेेशा से जुड़े लोगों को आज कार्यक्षेत्र में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आज आप न चाहते हुए भी कोई गलती कर बैठेंगे जिसकी वजह से आपको अपने सीनियर्स की डांट सहनी पड़ सकती है। कारोबारियों के लिए दिन सामान्य रहने की उम्मीद है। अगर आप अपनी चीज़ों का ध्यान नहीं रखेंगे, तो उनके खोने या चोरी होने की संभावना है। आपको या आपके जीवनसाथी को बिस्तर में चोट लग सकती है। इसलिए एक-दूसरे का ख़याल रखें।*
उपाय :- तुलसी के पौधे पर शाम को एक दीया जलाएं, इससे लव लाइफ बढ़िया चलेगी।
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मिथुन राशि : का,की , कु, घ, ङ ,छ, के, को, ह।व्यस्त दिनचर्या के बावजूद स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आज आपको भूमि, रिअल-एस्टेट या सांस्कृतिक परियोजनाओं पर ध्यान केन्द्रित करने की ज़रूरत है। अपने परिवार की भलाई के लिए मेहनत करें। आपके कामों के पीछे प्यार और दूरदृष्टि की भावना होनी चाहिए, न कि लालच का ज़हर। मुमकिन है कि आपके आँसुओं को पोंछने के लिए कोई ख़ास दोस्त आगे आए। इस राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में आवश्यकता से अधिक बोलने से बचना चाहिए नहीं तो आपकी छवि पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इस राशि के कारोबारियों को किसी पुराने निवेश की वजह से आज घाटा होने की संभावना है। दूसरों की राय को ग़ौर से सुनें- अगर आप आज वाक़ई फ़ायदा चाहते हैं तो। आपको और आपके जीवनसाथी को कोई बहुत सुखद ख़बर सुनने को मिल सकती है।*
उपाय :- बंदरों की सेवा करें व लाल मीठी वस्तु खिलाने से नौकरी/बिज़नेस में सफलता मिलेगी।
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कर्क राशि : ही, हू, हे, हो, डा, डी ,डू, डे,डो।अध्यात्म की सहायता लेने का सही समय है, क्योंकि मानसिक तनाव को मार भगाने के लिए यह सबसे बेहतरीन विकल्प है। ध्यान और योग आपकी मानसिक मज़बूती को बढ़ाने में कारगर रहेंगे। आपका कोई पुराना मित्र आज कारोबार में मुनाफा कमाने के लिए आपको सलाह दे सकता है, अगर इस सलाह पर आप अमल करते हैं तो आपको धन लाभ जरुर होगा। दफ़्तर के कामकाज में ज़्यादा व्यस्तता के चलते अपने जीवनसाथी के साथ आपका रिश्ता तनावपूर्ण हो सकता है। ज़िंदगी में एक नया मोड़ आ सकता है, जो प्यार और रोमांस को नयी दिशा देगा। अपने साथी को यूँ ही हमेशा के लिए मिला न मानें। आज के दिन आपके कुछ दोस्त आपके घर में आ सकते हैं और उनके साथ आप समय बिता सकते हैं हालांकि इस दौरान शराब, सिगरेट जैसे पदार्थों का सेवन करना आपके लिए अच्छा नहीं रहेगा। वैवाहिक सुख के दृष्टिकोण से आज आपको कुछ अनोखा उपहार मिल सकता है।*
उपाय :- हरे रंग की कांच की बोतल में जल भरकर धूप में रखें व उस जल का सेवन करने से फैमिली लाइफ में खुशियाँ बढ़ती हैं।
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सिंह राशि : मा, मी, मू, में, म़ो, ट, टी, टू, टे।दोस्त या सहकर्मी का स्वार्थी बर्ताव आपका मानसिक सुकून ख़त्म कर सकता है। आप ऐसे स्रोत से धन अर्जित कर सकते हैं, जिसके बारे में आपने पहले सोचा तक न हो। एक पारिवारिक आयोजन में आप सभी के ध्यान का केन्द्र होंगे। आप के दिल की धड़कनें आपके प्रिय के साथ कुछ ऐसे चलेंगी कि आज जीवन में प्यार का संगीत बज उठेगा। तरोताज़गी और मनोरंजन के लिए बढ़िया दिन, लेकिन अगर आप काम कर रहे हैं तो व्यावसायिक लेन-देन में सावधानी की ज़रूरत है। वक्त से बढ़कर कुछ नहीं होता। इसलिए आप वक्त का सदुपयोग करते हैं लेकिन कई बार आपको जीवन को लचीला बनाने की जरुरत भी होती है और अपने घर परिवार के साथ समय बिताने की जरुरत होती है। आज आपका आपस में कुछ ज्यादा विवाद हो सकता है जिसके दूरगामी परिणाम वैवाहिक जीवन के लिए नकारात्मक हो सकते हैं।*
उपाय :- हरे रंग के वस्त्र अधिक पहने इससे स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
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कन्या राशि : टो,पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, प़ो।आपका प्रबल आत्मविश्वास और आज के दिन का आसान कामकाज मिलकर आपको आराम के लिए काफ़ी वक़्त देंगे। आप दूसरों पर कुछ ज़्यादा ख़र्चा कर सकते हैं। प्यार, मेलजोल और आपसी जुड़ाव में इज़ाफा होगा। आप आज रुहानी प्यार की मदहोशी महसूस कर सकेंगे। इसे महसूस करने के लिए कुछ वक़्त बचाकर रखें। अगर आप यक़ीन करते हैं कि वक़्त ही पैसा है तो आपको अपनी क्षमताओं को शीर्ष पर पहुँचाने के लिए ज़रूरी क़दम उठाने होंगे। आज घर के लोगों के साथ बातचीत करते दौरान आपके मुंह से कोई ऐसी बात निकल सकती है जिससे घर के लोग नाराज हो सकते हैं। इसके बाद घर के लोगों को मनाने में आपका काफी समय जा सकता है। जब आप अपने जीवनसाथी से भावनात्मक तौर पर जुड़ते हैं, तो नज़दीकी अपने आप महसूस की जा सकती है।*
उपाय :- स्नान करने के बाद सफेद चंदन का तिलक मस्तक पर करने से आर्थिक पक्ष अच्छा रहेगा।
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तुला राशि : रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते।किसी झगड़ालू इंसान से वाद-विवाद आपका मूड ख़राब कर सकता है। समझदारी से काम लें और अगर संभव हो तो इससे बचें, क्योंकि किसी भी तरह का विवाद आपके लिए मददगार नहीं रहेगा। जिन लोगों ने जमीन खरीदी थी और अब उसे बेचना चाहते हैं उन्हें आज कोई अच्छा खरीदार मिल सकता है और जमीन बेचकर उन्हें अच्छा धन लाभ हो सकता है। परिवार के साथ रिश्ते-नातों में नयी जान डालने का सही समय है। आपके प्यार को न सुनना पड़ सकता है। भले ही छोटी-मोटी बाधाओं का सामना करना पड़े, लेकिन कुल मिलाकर यह दिन कई उपलब्धियाँ दे सकता है। उन सहकर्मियों का ख़ास ध्यान रखें, जो उम्मीद के मुताबिक़ चीज़ न मिलने पर जल्दी ही बुरा मान जाते हैं। अपने बच्चों को आज समय का सदुपयोग करने की सलाह दे सकते हैं। अगर आप जीवनसाथी के अलावा किसी और को अपने ऊपर असर डालने का मौक़ा दे रहे हैं, तो जीवनसाथी की ओर से आपको नकारात्मक प्रतिक्रिया मिलना संभव है।*
उपाय :- शरीर पर किसी भी तरह चाँदी धारण करने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
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वृश्चिक राशि : तो,न, नी, नू, ने, नो, या, यी , यु।सकारात्मक विचारों को ही दिमाग़ में आने दें। आपकी ग़ैर-यथार्थवादी योजनाएँ आपके धन को कम कर सकती हैं। अपनी उपयोगिता की ताक़त को सकारात्मक सोच और बातचीत के ज़रिए विकसित करें, ताकि आपके परिवार के लोगों को लाभ हो। आज आपकी कोई बुरी आदत आपके प्रेमी को बुरी लग सकती है और वो आपसे नाराज हो सकते हैं। व्यापारियों के लिए अच्छा दिन है। व्यवसाय के लिए अचानक की गयी कोई यात्रा सकारात्मक परिणाम देगी। दिन उम्दा है, आज के दिन अपने लिए समय निकालें और अपनी कमियों और खुबियों पर गौर फर्माएं। इससे आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन आएंगे। आपके जीवनसाथी के लबों की मुस्कान पल भर में आपका सारा दर्द ग़ायब करने की क़ाबिलियत रखती हे।*
उपाय :- कांसे के एक गोल टुकड़े को हरे कपड़े में लपेटकर जेब में रखने से आर्थिक स्थिति सुधरेगी।
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धनु राशि : ये,यो, भा, भी,, भू, ध,फ, ढ़, भे।आपका मनमौजी बर्ताव सेहत के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। आज आपको किसी अज्ञात स्रोत से पैसा प्राप्त हो सकता है जिससे आपकी कई आर्थिक परेशानियां दूर हो जाएंगी। आज आपका मन ख़ुश होगा और आप अपने दोस्तों व परिवार के सदस्यों पर पैसे ख़र्च करने का आनंद लेंगे। अपने साथी को भावनात्मक तौर पर ब्लैकमेल करने से बचें। हालाँकि वरिष्ठों से कुछ विरोध के स्वर सुनाई देंगे- लेकिन फिर भी आपको दिमाग़ ठण्डा रखने की ज़रूरत है। ज़रूरतमंदों की मदद करने की आपकी ख़ासियत आपको सम्मान दिलाएगी। वैवाहिक जीवन में आप कुछ निजता की ज़रूरत महसूस करेंगे।उपाय :- हनुमान चालीसा का पाठ करने से हेल्थ बेहतर होगी।*
मकर राशि : भो,ज, जी,जू,जे जो, खी,खू, खे, खो, गा, गी।आज के दिन आप बिना झंझट विश्राम कर सकेंगे। अपनी मांसपेशियों को आराम देने के लिए तैल से मालिश करें। अगर आप लोन लेने वाले थे और काफी दिनों से इस काम में लगे थे तो आज के दिन आपको लोन मिल सकता है। परिवार में नए सदस्य के आने की ख़बर आपको रोमांचित कर देगी। समारोह आयोजित कर इस ख़ुशी को सबके साथ बाटें। दोस्ती में प्रगाढ़ता के चलते रोमांस का फूल खिल सकता है। आपके आत्मविश्वास में वृद्धि हो रहा है और तरक़्की साफ़ नज़र आ रही है। आप चाहें तो परेशानियों को मुस्कुराकर दरकिनार कर सकते हैं या उनमें फँसकर परेशान हो सकते हैं। चुनाव आपको करना है। आप अपने जीवनसाथी के प्यार की गर्माहट महसूस कर सकते हैं।
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उपाय :- गाय को पालक खिलाने से लव लाइफ बढ़िया रहती है।*
कुम्भ राशि : गू, गे, गो, सा, सि, सू, से, सो, द।आज आप उम्मीदों की जादुई दुनिया में हैं। लम्बे समय से अटके मुआवज़े और कर्ज़ आदि आख़िरकार आपको मिल जाएंगे। विद्यालय का काम पूरा करने के लिए बच्चे आपसे मदद ले सकते हैं। अपने प्रिय की नाराज़गी के बावजूद अपना प्यार ज़ाहिर करते रहें। यह वह दिन है जब आपको अपनी अहम योजनाओं पर रोशनी डालने के लिए ख़ास और बड़े लोगों से मिलना चाहिए। मुमकिन है कि आपके अतीत से जुड़ा कोई शख़्स आज आपसे संपर्क करेगा और इस दिन को यादगार बना देगा। रिश्तेदारों को लेकर जीवनसाथी के साथ नोंकझोंक हो सकती है।
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उपाय :- ॐ भौमाय नमः इस मंत्र का 11 बार उच्चारण करने से लव लाइफ ठीक रहेगी।_*
मीन राशि: दी, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची।अपने जीवन को चिर-स्थायी न मानें और जीवन के प्रति सजगता को अपनाएँ। होशियारी से निवेश करें। रिश्तेदारों के साथ अपने संबंधों को फिर तरोताज़ा करने का दिन है। आज किसी ऐसे इंसान से मिलने की संभावना है जो आपके दिल को गहराई से छूएगा। पेशेवर तौर पर अपने अच्छे काम की पहचान आपको मिल सकती है। आपका संंगी आपसे सिर्फ कुछ समय चाहता है लेकिन आप उनको समय नहीं दे पाते जिससे वो खिन्न हो जाते हैं। आज उनकी यह खिन्नता स्पष्टता के साथ सामने आ सकती है। यह दिन शादीशुदा ज़िन्दगी के सबसे ख़ास दिनों में से एक रहेगा।उपाय :- सोते समय एक तांबे के पात्र में जल रखकर अगली सुबह घर के पास वाले पेड़ की जड़ में उस जल को डालने से सेहत अच्छी रहेगी।
🌞 ll~ वैदिक पंचांग ~ll 🌞
🌤️ दिनांक – 02 अक्टूबर 2026
🌤️ दिन – शुक्रवार
🌤️ विक्रम संवत 2083
🌤️ शक संवत -1948
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – शरद ॠतु
🌤️ मास – आश्विन
🌤️ पक्ष – कृष्ण
🌤️ तिथि – षष्ठी सुबह 10:15 तक तत्पश्चात सप्तमी
🌤️ नक्षत्र – मृगशिरा 03 अक्टूबर रात्रि 02:55 तक तत्पश्चात आर्द्रा
🌤️ योग – व्यतीपात शाम 06:18 तक तत्पश्चात वरीयान
🌤️राहुकाल – सुबह 10:58 से दोपहर 12:28 तक
🌤️ सूर्योदय – 05:41
🌤️ सूर्यास्त – 05:54
👉 दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे
🚩व्रत पर्व विवरण – सप्तमी का श्राद्ध
*विशेष- षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।

👉🏻 श्राद्ध पक्ष में इन 5 जीवों को जरूर दें कुछ! पितर जल्दी होंगे संतुष्ट, घर में बढ़ेगा धन-धान्य और होगी वंश की वृद्धि⤵️

🌷 पितरों का उद्धार 🌷
🙏🏻 भगवान शिव अपने पुत्र से कहते हैं: कार्तिकेय ! संसार में विशेषतः कलियुग में वे ही मनुष्य धन्य हैं, जो सदा पितरों के उद्धार के लिये श्रीहरि का सेवन करते हैं । बेटा ! बहुत से पिण्ड देने और गया में श्राद्ध आदि करने की क्या आवश्यकता है। वे मनुष्य तो हरिभजन के ही प्रभाव से पितरों का नरक से उद्धार कर देते हैं। यदि पितरों के उद्देश्य से दूध आदि के द्वारा भगवान विष्णु को स्नान कराया जाय तो वे पितर स्वर्ग में पहुँचकर कोटि कल्पों तक देवताओं के साथ निवास करते हैं। – पद्मपुराण

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🌷 श्राद्ध में क्या करें क्या ना करें 🌷
🌷 श्राद्ध एकान्त में ,गुप्तरुप से करना चाहिये, पिण्डदान पर दुष्ट मनुष्यों की दृष्टि पडने पर वह पितरों को नहीं पहुचँता, दूसरे की भूमि पर श्राद्ध नहीं करना चाहिये, जंगल, पर्वत, पुण्यतीर्थ और देवमंदिर ये दूसरे की भूमि में नही आते, इन पर किसी का स्वामित्व नहीं होता, श्राद्ध में पितरों की तृप्ति ब्राह्मणों के द्वारा ही होती है, श्राद्ध के अवसर पर ब्राह्मण को निमन्त्रित करना आवश्यक है, जो बिना ब्राह्मण के श्राद्ध करता है, उसके घर पितर भोजन नहीं करते तथा श्राप देकर लौट जाते हैं, ब्राह्मणहीन श्राद्ध करने से मनुष्य महापापी होता है | (पद्मपुराण, कूर्मपुराण, स्कन्दपुराण )
🌷 श्राद्ध के द्वारा प्रसन्न हुये पितृगण मनुष्यों को पुत्र, धन, आयु, आरोग्य, लौकिक सुख, मोक्ष आदि प्रदान करते हैं , श्राद्ध के योग्य समय हो या न हो, तीर्थ में पहुचते ही मनुष्य को सर्वदा स्नान, तर्पण और श्राद्ध करना चाहिये,
शुक्ल पक्ष की अपेक्षा कृष्ण पक्ष और पूर्वाह्न की अपेक्षा अपराह्ण श्राद्ध के लिये श्रेष्ठ माना जाता है | (पद्मपुराण, मनुस्मृति)
🌷 सायंकाल में श्राद्ध नहीं करना चाहिये, सायंकाल का समय राक्षसी बेला नाम से प्रसिद्ध है, चतुर्दशी को श्राद्ध करने से कुप्रजा (निन्दित सन्तान) पैदा होती है, परन्तु जिसके पितर युद्ध में शस्त्र से मारे गये हो, वे चतुर्दशी को श्राद्ध करने से प्रसन्न होते हैं, जो चतुर्दशी को श्राद्ध करने वाला स्वयं भी युद्ध का भागी होता है | (स्कन्दपुराण, कूर्मपुराण, महाभारत)
🌷 रात्रि में श्राद्ध नहीं करना चाहिये, उसे राक्षसी कहा गया है, दोनो संध्याओं में भी श्राद्ध नहीं करना चाहिये, दिन के आठवें भाग (महूर्त) में जब सूर्य का ताप घटने लगता है उस समय का नाम ‘कुतप’ है, उसमें पितरों के लिये दिया हुआ दान अक्षय होता है, कुतप, खड्गपात्र, कम्बल, चाँदी , कुश, तिल, गौ और दौहित्र ये आठो कुतप नाम से प्रसिद्ध है, श्राद्ध में तीन वस्तुएँ अत्यन्त पवित्र हैं, दौहित्र, कुतपकाल, तथा तिल, श्राद्ध में तीन वस्तुएँ अत्यन्त प्रशंसनीय हैं, बाहर और भीतर की शुद्धि, क्रोध न करना तथा जल्दबाजी न करना (मनुस्मृति, मत्स्यपुराण, पद्मपुराण, विष्णुपुराण)
~ पंचांग ~

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